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प्रवासी मजदूरों का किराया वहन कर रही सरकार, अधिक ट्रेन चलाने के लिए विपक्ष करे केंद्र से अपील :  हेमंत

Ranchi : लॉकडाउन के कारण बाहर फंसे प्रवासी मजदूरों की घऱ वापसी को लेकर हेमंत सरकार लगातार प्रयासरत है. कुछ दिन पहले मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने मीडिया को बयान देकर कहा था कि सरकार सरकार के प्रयासों से अबतक 25 से 30 हजार मजदूर घर वापसी कर चुके हैं. बाकी फंसे मजदूरों को लाने के लिए राज्य सरकार केंद्र से संपर्क में है. अब मुख्यमंत्री ने राज्य के विपक्षी पार्टियों विशेष कर बीजेपी से अपील की है कि वे भी केंद्र सरकार से आग्रह करते हुए पत्राचार करें कि मजदूरों की घऱ वापसी के लिए अधिक से अधिक ट्रेन चलायी जा सके. हेमंत सोरेन ने कहा कि राज्य सरकार सभी प्रवासी बंधुओं का किराया वहन कर रही है और आगे भी करेगी.

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हर प्रवासी मजदूर को घऱ लाने के लिए कृतसंकल्पित है सरकार

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मुख्यमंत्री सोरेन ने कहा है कि अन्य राज्यों में फंसे हर एक झारखंडी को घर वापस लाने के लिए उनकी सरकार कृतसंकल्पित है. राज्य वापस आने को इच्छुक 6.85 लाख झारखंडियों को क्रमबद्ध तरीक़े से लाने के लिए अधिक से अधिक संख्या में रेल चलना जरूरी है. राज्य सरकार रेलवे एवं केंद्र सरकार से सामंजस्य बैठा कर जल्द से जल्द लाने का प्रयास कर रही है. उन्होंने विपक्ष से आग्रह है कि वे केंद्र सरकार से आग्रह करें, पत्राचार करें ताकि झारखंड के लिए ज़्यादा से ज़्यादा ट्रेनें चलें.

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6,85,147 मजदूर करा चुके हैं रजिस्ट्रेशन

हेमंत सोरेन के मुताबिक लॉकडाउन में बाहर फंसे करीब 6,85,147 मजदूर घर वापसी को लेकर रजिस्ट्रेशन करा चुके हैं. करीब 41,673 फोन मजदूरों द्वारा मदद के लिए सरकार द्वारा बनाये कंट्रोल रूम में की गयी है. सबसे अधिक रजिस्ट्रेशन महाराष्ट्र, गुजरात, तमिलनाडु, कर्नाटक, दिल्ली से हुए हैं. कमोबेश सबसे अधिक फोन कॉल भी इन्हीं राज्यों में फंसे मजदूरों द्वारा की गयी है.

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