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बीएसएनएल को 74,000 करोड़ रुपए का बेलआउट पैकेज देने पर सरकार में मंथन

 NewDelhi : फंड की कमी से जूझ रही दूरसंचार कंपनी बीएसएनएल और एमटीएनएल को सरकार मदद करेगी. खबर है कि केंद्र सरकार  74,000 करोड़ रुपए का बेलआउट पैकेज देने पर मंथन कर रही है. बताया गया है कि इस बेलआउट पैकेज का इस्तेमाल कंपनी के हजारों कर्मचारियों के जल्द रिटायरमेंट प्लान, वीआरएस पैकेज, 4जी स्पेक्ट्रम और कंपनियों के पूंजीगत व्यय को बढ़ाने में काम आयेगा.  वित्तीय वर्ष 2019 में बीएसएनएल देश की सबसे ज्यादा घाटा सहने वाली सरकारी कंपनी बन गयी है.  

वित्तीय वर्ष 2019 में बीएसएनएल कोअनुमानतः 13,804 करोड़ रुपए का घाटा होने की बात कही गयी है. इस क्रम में  एमटीएनएल को इस वित्तीय वर्ष में 3,398 करोड़ का घाटा हुआ. एमटीएनएल घाटा सहने वाली सरकारी कंपनियों की लिस्ट में तीसरे नंबर पर और एयर इंडिया दूसरे नंबर पर रही. 

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रिटायरमेंट की उम्र 60 साल से घटाकर 58 साल करने पर विचार

टाइम्स ऑफ इंडिया की एक रिपोर्ट के अनुसार, इस संबंध में अधिकारियों का कहना है कि कैबिनेट नोट का ड्राफ्ट जारी किया गया है.  ड्राफ्ट में बताया गया है कि बेलआउट पैकेज में से कंपनी के कर्मचारियों की रिटायरमेंट उम्र घटाने की प्रक्रिया में 10,993 करोड़ रुपए, कर्मचारियों के वीआरएस प्लान के लिए 29,182 करोड़ रुपए, कंपनी की 4जी सेवाओं के लिए 20,410 करोड़ रुपए और कंपनी में पूंजीगत व्यय की मद में 13,202 करोड़ रुपए खर्च किये जायेंगे. एक बात और कि सरकार कंपनी में रिटायरमेंट की उम्र 60 साल से घटाकर 58 साल करने पर विचार कर रही है.    

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 जान लें चि पहले दूरसंचार की इन दिग्गज कंपनियों को बंद करने पर भी विचार हुआ था, लेकिन टेलीकॉम विभाग के अनुसार, यह कदम सही नहीं कहा जा सकता,  क्योंकि इससे 1.2 लाख करोड़ रुपए का नुकसान होने की संभावना थी.   यदि इन कंपनियों को बेचने की कोशिश की जाती तो संभव है कि घाटे में चल रही इन कंपनियों के लिए खरीदार भी  मिलना संभव नहीं था.  इसके बाद आखिरकार सरकार ने दूरसंचार की इन सरकारी कंपनियों को घाटे से उबारने के लिए बेलआउट पैकेज देने का फैसला किया.  

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