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JPSC मामले में घिरी सरकार, कहा- परीक्षा संचालन में ब्लैक लिस्टेड कंपनी का रोल नहीं, डीसी पर थी जिम्मेदारी

Ranchi : जेपीएससी परीक्षा को लेकर सोमवार को सदन में जोरदार हंगामा जारी है. विपक्षी दलों के साथ-साथ सत्ता पक्ष के कुछ विधायक भी परीक्षा संचालन और परिणम को लेकर संतुष्ट नहीं हैं. गोमिया विधायक लंबोदर महतो ने शीतकालीन सत्र के तीसरे दिन सरकार से पूछा कि हाल ही में जेपीएससी ने सातवीं से दसवीं की परीक्षा का आयोजन किया था. क्या इस परीक्षा का संचालन एक ब्लैक लिस्टेड आउटसोर्सिंग कंपनी से कराया गया है?  जैसा जानकारी है कि यह कंपनी बिहार सरकार में ब्लैक लिस्टेड है. जवाब में कार्मिक विभाग ने कहा कि जेपीएससी परीक्षा किसी ब्लैक लिस्टेड कंपनी ने नहीं, बल्कि इसका संचालन जिले के उपायुक्तों (DC) द्वारा कराया गया है. विपक्षी विधायकों ने सरकार के ऐसे अजीबो-गरीब जवाब पर खिल्ली उड़ायी. इसके लिये सदन में सरकार की खिंचायी भी की है.

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परीक्षा पर कार्मिक का यह रहा जवाब

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लंबोदर महतो ने पूछा कि क्या ब्लैक लिस्टेड कंपनी ने जेपीएससी पीटी में प्रश्नों के मॉडल आंसर और परीक्षा केंद्रों में लगातार एक कमरे से कई दर्जन परीक्षार्थियों को सफल कराने का काम किया है? लंबोदर महतो के इस का खंडन करते हुये कार्मिक ने कहा कि प्रश्नों के मॉडल उत्तर का चयन आयोग के द्वारा चयनित विशेषज्ञों से कराया गया है. आजसू विधायक श्री महतो ने पूछा है कि क्या, सरकार पूरे मामले की सीबीआई जांच कराना चाहती है? अगर हां तो कब तक? और नहीं तो क्यों नहीं? इस प्रकार कार्मिक ने कहा है कि विधायक के पूछे सभी सवालों की वस्तुस्थिति स्पष्ट की गई है.

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