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सरकार को ब्यूरोक्रेट्स पर भरोसा- टेक्नोक्रेट्स, शिक्षाविद् और स्पेशलिस्ट दरकिनार

रिटायरमेंट बेनिफिट प्लान की तर्ज पर ब्यूरोक्रेट्स को मिला है बोर्ड आयोग में अध्यक्ष का पद

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Ranchi: झारखंड सरकार का ब्यूरोक्रेट्स पर भरोसा काफी अधिक बढ़ गया है. ब्यूरोक्रेट्स के कार्यकाल के दौरान या कार्यकाल के बाद उन्हें क्रीम आयोग और बोर्ड-निगम में अध्यक्ष और एमडी पद की जिम्मेवारी सौंपी जा रही है.

यही नहीं रिटायरमेंट के बाद भी उन्हें बोर्ड निगम में रिटायरमेंट बेनिफिट प्लान के रूप में उपकृत भी किया जा रहा है. जबकि कई बोर्ड, निगम और आयोग में टेक्नोक्रेट्स, शिक्षाविद् और स्पेशलिस्ट की जरूरत होती है.

बावजूद इसके इन पदों पर ब्यूरोक्रेटस को ही पदस्थापित किया जा रहा है. ऐसे लगभग एक दर्जन आयोग व बोर्ड निगम में आईएएस अफसर ही काबिज हैं.

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जानिये कौन ब्यूरोक्रेट्स किस क्रीम आयोग और बोर्ड निगम में हैं काबिज

झारखंड राज्य विद्युत नियामक आयोग

झारखंड राज्य विद्युत नियामक आयोग में बिहार कैडर के आईएएस डॉ. अरविंद प्रसाद अध्यक्ष हैं. अरविंद प्रसाद को रिटायरमेंट के बाद यह पद मिला है. इससे पहले जस्टिस एनएन तिवारी अध्यक्ष थे.

तिवारी से पहले वरीय आईएएस अफसर मुखत्यार सिंह अध्यक्ष थे. आयोग में अध्यक्ष का पद स्पेशलिस्ट का पद हैं. इनमें टेक्नोक्रेट्स भी अध्यक्ष बन सकते हैं.

झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी)

झारखंड लोक सेवा आयोग में शिक्षाविद् भी अध्यक्ष बन सकते हैं. लेकिन सरकार ने चौथी बार मुख्य सचिव रैंक के अफसर सुधीर त्रिपाठी को अध्यक्ष बनाया है. त्रिपाठी को रिटायरमेंट के बाद यह पद मिला है.

इससे पहले आईएएस अफसर देवीशीष गुप्ता व के विद्यासागर अध्यक्ष रह चुके हैं. आईएफएस और आईपीएस के साथ शिक्षाविद् भी अध्यक्ष रहे हैं. लेकिन सबसे अधिक अध्यक्ष पद पर रहने का रिकॉर्ड आईएएस का ही रहा है.

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झारखंड राज्य ऊर्जा विकास निगम

पूर्व बिजली बोर्ड और वर्तमान में झारखंड राज्य ऊर्जा विकास निगम के सीएमडी आईएएस ही हैं. इससे पहले आईएएस अफसर बीके चौहान, पीपी शर्मा, एके चुग, डॉ. शिवेंदू, टी नंदकुमार, एनएन पांडेय, शिव बसंत, एसकेजी रहाटे, आरके श्रीवास्तव, डॉ. नितिन मदन कुलकर्णी, सुधीर त्रिपाठी, डीके तिवारी सीएमडी रह चुके हैं. जबकि यह पॉलिटिक्ल पोस्ट हैं. इसमें टेक्नोक्रेट्स को भी अध्यक्ष बनाया जा सकता है.

झारखंड राज्य बिजली वितरण निगम

झारखंड राज्य बिजली वितरण निगम के एमडी टेक्नोक्रेट्स भी बन सकते हैं. लेकिन इस पद पर भी आज की तारीख में एमडी के रूप में आईएएस अफसर राहुल पुरवार काबिज हैं. इससे पहले वितरण निगम के एमडी टेक्नोक्रेट्स केके वर्मा थे.

इन आईएएस को भी मिला है रिटायरमेंट बेनिफिट प्लान

ऐसे और कई आयोग और बोर्ड निगम हैं जिनमें आईएएस अफसरों को रिटायरमेंट के बाद बेनिफिट प्लान मिला है. राज्य मानवाधिकार आयोग में राज्यपाल के पूर्व प्रधान सचिव एके सत्पथी को अध्यक्ष बनाया गया है. इसी तरह जेट में पूर्व वरीय आईएएस मुख्त्यार सिंह अध्यक्ष हैं.

राज्य खाद्य आयोग के अध्यक्ष पूर्व मुख्य सचिव सुधीर प्रसाद हैं. झारखंड राज्य कर्मचारी चयन आयोग में कार्मिक विभाग के पूर्व सचिव रतन कुमार को अध्यक्ष बनाया गया है. डॉ रामदयाल मुंडा शोध संस्थान की जिम्मेवारी भी आईएएस अफसर रणेंद्र कुमार को सौंपी गई है.

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