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रणनीतियों में सुधार लाये सरकार, जिलों के साथ न करे भेदभाव:  भुवनेश्वर

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Ranchi:  राज्य सरकार अपने मन की सुनने वाली है. जनता से इसे कोई सरोकार नहीं. विकास के जिस मुद्दे को सरकार ने अपनाया है, वो सिर्फ लोगों के अधिकारों को छीन रहा है. ये बातें झारखंड कुशवाहा महासभा की बैठक में पूर्व सांसद भुवनेश्वर प्रसाद मेहता ने कही. कहा कि इन चार सालों में सरकार ने राज्य को लूटने का काम किया है. तानाशाही का राज चल रहा है. पिछड़ी जाति का आरक्षण 27 प्रतिशत से घटा कर 14 प्रतिशत  किया जाना दुख की बात है. पिछड़ी जातियों के विकास पर सरकार को ध्यान देना चाहिये, न कि उनके अधिकारों की कटौती करनी चाहिए. झारखंड में आदिवासीयों को 32 प्रतिशत,  दलित समाज को 14 प्रतिशत के साथ 73 प्रतिशत आरक्षण राज्य सरकार को देना चाहिए.

सुखाड़ मामले में जिलों के साथ न हो भेदभाव

श्री मेहता ने कहा कि केंद्र सरकार ने पूरे प्रदेश को सुखाड़ घोषित किया है. फिर राज्य सरकार कुछ ही जिलों को सुखाड़ घोषित कर क्या साबित करना चाह रही है, यह समझ से परे है. उन्होंने कहा कि किसानों के प्रति सरकार कठोर नीति अपना रही है. जबकि उन्हें जल्द से जल्द राहत देने की योजनाएं तैयार करनी चाहिए. अन्य जिलों के साथ भेदभाव करना राज्य सरकार की विफलता दर्शाती है.

आबादी के अनुसार हो भागीदारी 

बैठक में कुशवाहा महासभा के प्रदेश अध्यक्ष हाकिम प्रसाद महतो ने कहा कि  कुशवाहा समाज को राजनीति में सक्रिय होना होगा. इसके लिए जरूरी है कि समाज के लोग राजनीति से जुड़ें. वहीं जरूरी है कि राष्ट्रीय पार्टियां कुशवाहा समाज के लोगों को संख्या के आधार पर राजनीति में भागीदारी दें. उन्होंने कहा कि जो पार्टी कुशवाहा समाज को राजनीति में 14 प्रतिशत भागीदारी नहीं देगी,  वैसी पार्टी को हराने का काम करेंगे.

मौके पर ये लोग थे मौजूद

मौके पर महेंद्र प्रसाद वर्मा, सत्यदेव वर्मा, लीलावती मेहता, इंद्रमणि देवी, संजय शान , बटेश्वर प्रसाद मेहता, अयोध्या प्रसाद मेहता, भुवनेश्वर महतो भुन्नू, उचित महतो, अजय कुशवाहा, राज किशोर महतो, चुडामण महतो, अभय कुशवाहा, विजय महतो, अर्जुन कुमार, राजु लाल वर्मा समेत अन्य लोग उपस्थित थे.

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