JharkhandRanchi

#Government स्कूलों में बच्चों को मिड डे मील के साथ नाश्ता भी देने की तैयारी

Ranchi: केंद्रीय मानव संसाधन विकास विभाग की ओर से नयी शिक्षा नीति के तहत मिड डे मिल को लेकर प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है.

Jharkhand Rai

इस प्रस्ताव के अनुसार अब झारखंड के सहित देश के अन्य राज्यों के सरकारी स्कूलों के बच्चों को मिड डे मील के साथ नाश्ता भी दिया जायेगा.

दोपहर के भोजन के पहले बच्चों को नाश्ता दिया जायेगा. इसके अतिरिक्त मिड डे मील बनाने में शिक्षकों की भागीदारी को समाप्त कर यह जिम्मेदारी स्वयंसेवी संस्थाओं को दी जायेगी.

झारखंड सहित अन्य राज्यों से भी एमएचआरडी ने विभिन्न तरह के प्रस्ताव मंगाये हैं.

Samford

अधिकारियों के मुताबिक बजट में प्रस्ताव के साथ-साथ इसे नयी शिक्षा नीति में भी शामिल किया गया है.

इसे भी पढ़ें : सरकारी आदेश नहीं मानने पर निगम को लगी कड़ी फटकार, अब देगा पेयजल विभाग को 1.07 करोड़ रुपये

कई राज्यों में स्वयंसेवी संस्थाएं संभाल रहीं काम

जहां तक मिड डे मील जिम्मेदारी स्वयं सेवी संस्था को देने की बात है तो कई राज्यों में स्वयंसेवी संस्थाएं इस काम को कर भी रही हैं.

मीडिया में आयी खबरों के मुताबिक आने वाले बजट में इन प्रस्तावों पर मुहर लग सकती है.

बच्चों को नाश्ते में क्या-क्या दिया जा सकता है, इसे भी राज्यों को तय करना है. इसके लिए राज्यों से सुझाव मंगाये जा रहे हैं.

राज्य सरकार की ओर से भी जल्द ही इस सुझाव को भेजा जायेगा. प्रस्ताव अभी तैयार किया जा रहा है.

इसे भी पढ़ें : 4 करोड़ GST चोरी मामला: पहले एक लाख टन कोयले की खरीद-बिक्री की गयी, फिर बिल काटने के बाद बंद कर दी गयी कंपनी

बिना नाश्ता स्कूल आ जाते हैं बच्चे

जेइपीसी के मुताबिक स्कूली बच्चों को नाश्ता देने का प्रस्ताव इसलिए किया जा रहा है, क्योंकि ग्रामीण क्षेत्रों के स्कूलों में बड़ी संख्या में बच्चे बिना नाश्ता किये पढ़ने चले आते हैं.

इस प्रकार वे मिड डे मील मिलने तक भूखे रह जाते हैं.

वहीं शिक्षकों को मिड डे मील से हटाने के पीछे का तर्क है कि मिड डे मील की जिम्मेदारी होने के कारण शिक्षक बच्चों की पढ़ाई पर पूरा ध्यान नहीं दे पाते.

ऐसे में स्कूलों का लर्निंग आउटकम (सीखने का स्तर) लगातार बिगड़ रहा है. यही वजह है कि सरकार अब शिक्षकों को सिर्फ और सिर्फ पढ़ाई के काम में लगाए रखना चाहती है.

इसे भी पढ़ें : धनबाद: लुप्त प्रजाति बिरहोर सरकारी योजनाओं से वंचित, भूख और बीमारी से हो रही मौत

Advertisement

Leave a Reply

Your email address will not be published.

Related Articles

Back to top button
%d bloggers like this: