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जनमुद्दों से भाग रही सरकार, झारखंड विधानसभा का शीतकालीन सत्र अखिर क्यों आहूत नहीं किया जा रहा : डॉ प्रदीप यादव

झाविमो ने कांग्रेस को दिया अपना समर्थन

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Ranchi : मंगलवार को झारखंड विकास मोर्चा के प्रधान महासचिव डॉ प्रदीप यादव ने संवाददाता सम्मेलन में राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि झारखंड विधानसभा का शीतकालीन सत्र प्रत्येक वर्ष 12 से 15 दिसंबर के बीच आहूत किया जाता रहा है, लेकिन इस बार अभी तक शीतकालीन सत्र का नोटिफिकेशन जारी नहीं किया गया है. उन्होंने कहा कि सरकार के ही लोगों से जानकारी मिली है कि इस बार सरकार शीतकालीन सत्र आहूत नहीं करेगी. इस मामले में जेवीएम का मानना है कि राज्य सरकार के समक्ष कई जन सरोकर के विषय मुंह बाये खड़े हैं, इस कारण सरकार ने शीतकालीन सत्रा आहूत नहीं करने का फैसला लिया है. राज्य की हालत ऐसी है, जिसका रघुवर सरकार सामना नहीं करना चहती है. पारा शिक्षक, स्कूल मर्जर जैसे और भी कई मुद्दे हैं, जिसे विपक्ष विधानसभा में उठायेगा. इन्हीं मुद्दों से बचने के लिए सरकार ने यह निर्णय लिया है, जो राज्य की जनता के हित में नहीं है.

अविश्वास प्रस्ताव ला सकता है विपक्ष

डॉ प्रदीप यादव ने कहा कि राज्य की हालत ऐसी है कि सरकार के विधायक ही मुख्यमंत्री के विरोध में खड़े हैं. अगर विधानसभा सत्र चला, तो विपक्ष इन विषयों पर अविश्वास प्रस्ताव ला सकता है. इससे उनकी सरकार पर खतरा बन जायेगा, सरकार गिर भी सकती है. उन्होंने कहा कि 15 दिसंबर को झारखंड विधानसभा के समक्ष सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया जायेगा.

झापा विपक्षी गठबंधन का हिस्सा नहीं

कोलेबिरा विधानसभा सीट पर होनेवाले उपचुनाव को लेकर डॉ प्रदीप यादव ने कहा कि झाविमो ने यह प्रयास किया था कि झापा (झारखंड पार्टी) की मेनन एक्का महागठबंधन की प्रत्याशी बनें. चूंकि झापा विपक्षी गठबंधन का हिस्सा नहीं है और गठबंधन का प्रत्याशी कांग्रेस का है, इसलिए झाविमो कांग्रेस को अपना समर्थन देगा. उसे विजयी बनाने के लिए पार्टी पूरे दम-खम के साथ सहयोग करेगी.

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2019 के चुनाव में विपक्षी महागठबंधन बनेगा

उन्होंने कहा कि 2019 में विपक्षी महागठबंधन बनेगा. इसको लेकर किसी को किसी भी तरह की गलतफहमी नहीं पालनी चाहिए. उन्होंने मीडिया में लगातार आ रही उस खबर को बेतुका बताया, जिसमें कहा जा रहा है कि विपक्षी गठबंधन बिखर गया है. उन्होंने कहा कि हर परिवार में थोड़ी-बहुत अनबन होती रहती है, मगर इसका आशय यह नहीं है कि परिवार बिखर जाता है. उन्होंने भरोसा जताया कि कोलेबिरा उपचुनाव के पूर्व तक सारी बातें ठीक हो जायेंगी.

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