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बाहरियों को नौकरी दे राज्य के युवाओं का भविष्य बर्बाद कर रही सरकार: बाबूलाल

संवैधानिक संस्थाओं पर सरकार कर रही प्रहार, खुले न असलियत इसलिए कर रही लाठीचार्ज

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Ranchi: राज्य स्थापना दिवस के दिन पारा शिक्षकों और पत्रकारों पर लाठीचार्ज के विरोध करते हुए झारखंड विकास मोर्चा ने शुक्रवार को राजभवन के समक्ष धरना  प्रदर्शन किया. धरना को संबोधित करते हुए पार्टी प्रमुख बाबूलाल मरांडी ने कहा कि राज्य हो या केंद्र संवैधानिक संस्थाओं पर प्रहार किया जा रहा है. सीबीआइ में जिस तरह नित नये खुलासे हो रहे हैं, इससे साफ पता चलता है कि सरकार ने इन चार सालों में किस तरह से देश में घपलों को अंजाम दिया है, जिसकी गुत्थी अब खुल रही है. उन्होंने कहा कि पत्रकारों पर हमले भी इसी का उदाहरण है. लोकतंत्र में कहीं कोई कंट्रोल नहीं रह गया है, अपने कारनामों को छुपाने के लिए सरकार ऐसा कर रही है. उन्होंने कहा एकजुटता के बल पर ही ऐसी सरकार को देश और राज्य से उखाड़ फेंका जा सकता है.

नौकरी के नाम पर छल रही सरकार

बाबूलाल ने कहा कि सरकार को समझना चाहिए कि‍ जनता बेवकूफ नहीं है, भाषण देने से काम नहीं होता, योजनाओं को धरातल पर उतारे सरकार. नौकरी के नाम पर जिस तरह से राज्य के युवाओं को छला जा रहा, ये काफी दुर्भाग्य की बात है. विगत कुछ दिनों में जो भी रिजल्ट आये हैं, उससे साफ हो गया कि सरकार स्थानीय जनता, मजदूरों और गरीबों की सुनने वाली नहीं है. 2019 में सरकार को अपनी वास्तविक स्थिति का बोध होगा.

विकास सिर्फ कंपनी लगाने से नहीं होगा

उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार सिर्फ कंपनी लगाने और सड़क बनाने का काम कर रही है. लेकिन, सरकार को यह समझना होगा कि कंपनी और सड़कें विकास का पैमाना नहीं हैं. लोगों को शिक्षित किये बिना विकास नहीं हो सकता और ये सरकार शिक्षित करने के बजाय स्कूलों को बंद कर रही है. ऐसे में राज्य के बच्चों का क्या भविष्य होगा, अंदाजा लगाया जा सकता है. उन्होंने आने वाले चुनाव में ग्रामीणों को एकजुट और जागरूक कर जीतने की बात कहीं.

अंडा और चूहा पालने की बात करती है सरकार: बंधु तिर्की

धरना को संबोधित करते हुए पार्टी महासचिव बंधु तिर्की ने कहा कि विगत दिनों सरकार की ओर से चैपालों का आयोजन किया जा रहा था, जिसमें मुख्यमंत्री राज्य के युवाओं को शिक्षित होने और अच्छी नौकरी करने के बजाय मुर्गी, अंडा, चूहा पालने की बात कह रहे थे. अब ऐसे में जनता समझ सकती है कौन से राज्य का प्रमुख युवाओं को अंडा और चूहा पालने की बात कहेगी. पारा शिक्षकों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि पारा शिक्षकों के आंखों में धूल झोंकने के लिए खंडेलवाल कमेटी का गठन किया गया है, जो अब तक कोई निर्णय नहीं ले पायी है. पूर्व में पार्टी के कार्यकाल में गिरिनाथ कमेटी का गठन किया था, लेकिन वर्तमान सरकार ने इस कमेटी की सारी सिफारिशों को दरकिनार किया है, जो पारा शिक्षकों के हित में थी.

गुंडा कौन है आगामी चुनाव में पता चलेगा: प्रदीप यादव

विधायक प्रदीप यादव ने कहा कि पारा शिक्षकों को गुंडा कहकर मुख्यमंत्री ने शिक्षा देने वालों की बेइज्जती की है. जो सरकार शिक्षकों को गुंडा कहेगी,  ऐसी सरकार को तो आगामी चुनाव में जवाब मिलेगा. उन्होंने कहा कि बहाली हो या योजना राज्य में हर क्षेत्र में गड़बड़ी हो रही है. धर्म-जाति की बात करने वाली सरकार अब अल्पसंख्यक स्कूलों को भी निशाना बना रही है, जबकि पहले से ही पांच हजार स्कूलों को बंद किया जा चुका है. प्लस टू शिक्षक, हाई स्कूल शिक्षकों समेत अन्य बहालियों में उत्तर प्रदेश और कोलकाता के उम्मीदवारों की अधिकता होने पर उन्होंने निराशा व्यक्त की.

प्रमुख मांगें:

  • प्लस टू शिक्षक एवं हाई स्कूल शिक्षक समेत अन्य बहालियों में दूसरे राज्य के अभ्यार्थियों पर रोक लगे.
  • 15 नवंबर को पत्रकारों पर लाठीचार्ज की न्यायिक जांच हो.
  • मूलवासियों के लिए 20 साल तक सभी नौकरियों में आरक्षण की पहल.
  • पारा शिक्षकों, आंगनबाड़ी कर्मियों, सहायिकाओं आदि का स्थायीकरण किया जाये.
  • पारा शिक्षकों पर लगे मुकदमे वापस ले.
  • त्रिस्तरीय पंचायत प्रतिनिधि को संविधान का अधिकार मिलें.

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