JharkhandLead NewsRanchi

सरकार कर रही जन समस्या समाधान का दावा, पीड़ित परिवार लगा रहे हैं उपायुक्त कार्यालय के चक्कर : मेयर आशा लकड़ा

Ranchi : भाजपा की राष्ट्रीय मंत्री सह रांची की मेयर डॉ. आशा लकड़ा ने सोमवार को घाघरा थाना क्षेत्र की जन समस्याओं को लेकर गुमला जिले के उपायुक्त शिशिर कुमार सिन्हा से मुलाकात की. डॉ. आशा लकड़ा ने कहा कि घाघरा थाना क्षेत्र के तीन पीड़ित परिवार के लोग रोजगार/नियुक्ति की मांग को लेकर सरकारी कार्यालयों के चक्कर काट रहे हैं, फिर भी उन्हें न तो रोजगार मिली और ना ही नियुक्ति.

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन राज्य के सभी जिलों में आपके अधिकार, आपकी सरकार आपके द्वार कार्यक्रम का आयोजन कर जन समस्याओं के समाधान का दावा कर रहे हैं, लेकिन घाघरा थाना क्षेत्र के कुछ लोग कई वर्षों से अपनी मांगों को लेकर सरकारी कार्यालय का चक्कर काट रहे हैं.

इसे भी पढ़ें:झारखंड : डिप्टी कलेक्टर से एसडीओ पद पर पदोन्नति मामले में सुनवाई, हाईकोर्ट ने रखा फैसला सुरक्षित

Catalyst IAS
ram janam hospital

वादाखिलाफी कर रही सरकार

The Royal’s
Pushpanjali
Sanjeevani
Pitambara

राज्य सरकार ने भी सत्ता संभालते ही हर बेरोजगार को रोजगार देने का वादा किया था. साथ ही रोजगार नहीं मिलने पर हर माह बेरोजगारी भत्ता देने का वादा किया था, लेकिन राज्य सरकार के रवैये से तो यही लगता है कि राज्य के लोगों से वादाखिलाफी कर रही है. इसके बाद उपायुक्त ने उन्हें आश्वस्त करते हुए कहा कि पीड़ित परिवार की मांग जल्द से जल्द पूरी की जायेगी.

इसे भी पढ़ें:JPSC : रांची में होगा परीक्षा केंद्र, 28 से 30 जनवरी तक चलेगी मुख्य परीक्षा

यै है मामला

केस 1

घाघरा थाना क्षेत्र के बनियाडीह गांव स्थित टोंगरी टोली निवासी मुकेश मुंजनी लोहरा की 20 वर्षीय पुत्री बालमूती और 26 वर्षीय सुधीर लोहरा जन्म से ही मानसिक रूप से विक्षिप्त हैं. उन्होंने श्रमायुक्त से रोजगार उपलब्ध कराने की मांग की थी. 24 अक्टूबर 20201 को श्रमायुक्त ने उपायुक्त को पत्र लिखकर मुकेश मुंजनी लोहरा को रोजगार उपलब्ध कराने की दिशा में उचित पहल करने का आग्रह किया था.

इसे भी पढ़ें:BIG NEWS : रांची पुलिस को मिली बड़ी सफलता, टीपीसी उग्रवादी खलील समेत आधा दर्जन को किया गिरफ्तार

केस 2

घाघरा थाना क्षेत्र के चुंदरी गांव निवासी कार्तिक उरांव बेरोजगार व दिव्यांग हैं. बीए इकोनॉमिक्स, डीसीए व डीएलएड की डिग्री होने के बावजूद वे बेरोजगार हैं.

इसे भी पढ़ें:शीतकालीन सत्र : नियुक्ति वर्ष में लोगों से छिनी गयी नौकरियां, 6 परीक्षाएं हुई रद्द-विनोद सिंह

केस 3

उग्रवादी हिंसा में घाघरा थाना क्षेत्र के बुडहु गांव निवासी सुमदेव उरांव की मृत्यु हो गयी थी. उनके आश्रित को अनुकंपा के आधार पर नियुक्ति व स्वीकृति प्रदान करने के लिए जिला स्थापना सह उप समाहर्ता ने पुलिस अधीक्षक को 16 दिसंबर को पत्र लिखा था.

पत्र के माध्यम से उन्होंने पुलिस अधीक्षक से दिवंगत सुमदेव उरांव के विरुद्ध 17 सीएलए के तहत दर्ज थाना कांडों की सूची/विवरणी उपलब्ध कराने का आग्रह किया था.

पत्र के जवाब में 14 अक्टूबर 2021 को पुलिस अधीक्षक ने अपर समाहर्ता को पत्र लिखकर जानकारी दिया कि दिवंगत सुमदेव उरांव के विरुद्ध गुमला जिला के विभिन्न थानों में 17 सीएलए एक्ट के अलावा पूर्व से कोई कांड दर्ज नहीं है.

इसे भी पढ़ें:शीतकालीन सत्र : 2926 करोड़ रुपये का द्वितीय अनुपूरक बजट ध्वनिमत से पारित, विपक्ष का बहिष्कार

Related Articles

Back to top button