न्यूज़ विंग
कल का इंतज़ार क्यों, आज की खबर अभी पढ़ें

 सरकारी बीमा कंपनी नेशनल, ओरियंटल इंश्योरेंस व यूनाइटेड इंडिया को  4200 करोड़ का नुकसान

सरकारी बीमा कंपनी नेशनल इंश्योरेंस, ओरियंटल इंश्योरेंस और यूनाइटेड इंडिया भी बीएसएनल, एयर इंडिया की तरह भारी घाटे में चल रही हैं.

191

NewDelhi : सरकारी बीमा कंपनी नेशनल इंश्योरेंस, ओरियंटल इंश्योरेंस और यूनाइटेड इंडिया भी बीएसएनल, एयर इंडिया की तरह भारी घाटे में चल रही हैं.  इन सरकारी बीमा कंपनियों को  कुल 4,200 करोड़ रुपए का घाटा होने की खबर है. जानकारी के अनुसार यह घाटा बाकी बची 23 कंपनियों के लाभांश से कहीं ज्यादा है.

जान लें कि नेशनल इंश्योरेंस, ओरियंटल इंश्योरेंस और यूनाइटेड इंश्योरेंस ने हाल ही में अपने आर्थिक नतीजों की घोषणा की  है. खबर है कि सरकार अब इन इंश्योरेंस कंपनियों के विलय या फिर इन्हें लिस्टेड करने पर विचार कर रही है. इन कंपनियों की खराब फाइनेंशियल परफॉर्मेंस को देखते हुए इनमें बड़ी मात्रा में पूंजी लगाने की जरुरत है.

Trade Friends

  इसे भी पढ़ेंः रिलायंस का 42वां AGM: ‘Saudi Aramco’ से बड़ा करार, 5 सितंबर को ‘जियो फाइबर’ की लॉन्चिंग

2019 में प्राइवेट इंश्योरेंस कंपनियों ने 3,922 करोड़ रुपए  कमाये

WH MART 1

बताया गया है कि वित्तीय वर्ष 2018 की तुलना में वित्तीय वर्ष 2019 में इन कंपनियों की फाइनेंशियल परफॉर्मेंस बिल्कुल उलट  है.  2018 में इन तीनों कंपनियों के साथ न्यू इंडिया इंश्योरेंस ने कुल 2,543 करोड़ रुपए का लाभ कमाया था. लेकिन इस साल नेशनल, ओरियंटल और यूनाइटेड इंडिया की कहानी बिल्कुल अलग है. हालांकि न्यू इंडिया इंश्योरेंस ने इस साल भी 645 करोड़ रुपए का लाभ कमाया.  वित्तीय वर्ष 2019 में प्राइवेट इंश्योरेंस कंपनियों ने 3,922 करोड़ रुपए  कमाये हैं

पब्लिक सेक्टर की इंश्योरेंस कंपनियों के खराब प्रदर्शन के पीछे अंडरराइटिंग घाटा बताया गटा है.  अंडरराइटिंग घाटा वह राशि है, जिसे इंश्योरेंस कंपनी पॉलिसी के क्लेम के रूप में  बांटती है.  प्राइवेट इंश्योरेंस कंपनियों के कुल लाभांश में इस साल 8% की कमी आयी है. माना जा रहा है कि पिछले साल इंश्योरेंस कंपनियों ने फसल बीमा के मामले में बहुत अच्छा काम किया था.  जिससे कंपनियों का लाभ बढ़ा, लेकिन इस साल फसल बीमा उतना अच्छा नहीं रहा, जिससे कंपनियों का लाभ पिछले साल के मुकाबले घट गया.

इसे भी पढ़ेंः मुस्लिम बहुल होने के कारण जम्मू-कश्मीर से हटा अनुच्छेद 370: चिदंबरम

हमें सपोर्ट करें, ताकि हम करते रहें स्वतंत्र और जनपक्षधर पत्रकारिता...

kohinoor_add

Get real time updates directly on you device, subscribe now.

You might also like