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हमारी सरकार ने बहुत कम समय में विकास के लिए गंभीर एवं सार्थक प्रयास किये हैं :  मुख्यमंत्री

 

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Dumka :  मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि हमारी सरकार ने अल्पसमय में ही झारखंड के कई क्षेत्रों में विकास के लिए गंभीर एवं सार्थक प्रयास किए हैं. सरकार द्वारा झारखंड में बेरोजगारी दूर करने, आर्थिक सबलता प्रदान करने, प्रशासन एवं विकास की प्रक्रिया में आमजनों की सहभागिता सुनिश्चित करने का प्रयास किया गया है. हम आप सबों के सहयोग से स्वच्छ, पारदर्शी एवं संवेदनशील प्रशासन प्रदान करने की दिशा में कार्य कर रहे हैं. मुख्यमंत्री श्री सोरेन ने दुमका स्थित पुलिस लाइन मैदान में आयोजित गणतंत्र दिवस समारोह में जनसभा को सम्बोधित कर रहे थे.

 

दो वर्षो कि उपलब्धियां गिनायीं

 

मुख्यमंत्री ने दो वर्षो कि उपलब्धियाँ गिनाई. उन्होंने कहा कि शिक्षा विकास का आधार है. मानव विकास एवं समाज में वैज्ञानिक सोच विकसित करने में शिक्षा की महत्वपूर्ण भूमिका होती है. हम शिक्षा के प्रति सजग एवं संवेदनशील हैं। मुझे आप सबों को यह जानकारी देने में प्रसन्नता हो रही है कि भारत सरकार द्वारा जारी किए गये शैक्षणिक सूचकांक में विगत एक वर्ष में झारखंड को 29 अंको का फायदा हुआ है, जो पूरे देश में सर्वाधिक है. झारखंड सरकार द्वारा शिक्षा के क्षेत्र में एक विशेष पहल की गयी है. इस निमित्त राज्य सरकार द्वारा 80 उत्कृष्ट विद्यालय, 325 प्रखंड स्तरीय लीडर स्कूल तथा 4091 ग्राम पंचायत स्तरीय आदर्श विद्यालयों को विकसित करने का कार्य किया जा रहा है.

 

पेट्रोल सब्सिडी के लिए राज्य भर में 73 हज़ार आवेदन स्वीकृत

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि सरकार की दूसरी वर्षगाँठ के अवसर पर मैंने वादा किया था कि गरीब एवं जरुरतमंद दु-पहिया वाहन धारकों को महंगाई से राहत देने के लिए 26 जनवरी से 25 रुपये प्रति लीटर की दर से पेट्रोल पर अनुदान दिया जायेगा. आज मुझे यह बताते हुए हर्ष हो रहा है कि आज से पूरे राज्य में CM-SUPPORTS योजना के माध्यम से प्रत्येक गरीब एवं जरुरतमंद दु-पहिया वाहन मालिकों को प्रतिमाह 10 लीटर पेट्रोल के लिए 25 रुपये प्रति लीटर की दर से 250 रुपये की राशि उनके खाते में सीधे भेज दी जायेगी. 1 लाख 4 हज़ार लोगों ने इस योजना के लिए निबंधित किया है. इनमे 73 हज़ार का आवेदन स्वीकृत हो चुका है.

 

20 उत्कृष्ट विद्यालयों के निर्माण के लिए लगभग 72 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की गयी है

 

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि संताल परगना प्रमंडल में 20 उत्कृष्ट विद्यालयों के निर्माण के लिए लगभग 72 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की गयी है. इन विद्यालयों में सभी आवश्यक मूलभूत संरचनाओं के विकास के साथ-साथ पर्याप्त शिक्षकों की व्यवस्था भी की जाएगी. विगत दो वर्षों से कोविड-19 महामारी के प्रकोप के कारण हमें विद्यालयों को बंद रखने हेतु बाध्य होना पड़ा है. महामारी में कमी होने की स्थिति में कक्षा 06 से 12 के विद्यालय खोले गए थे, परंतु महामारी बढ़ने के कारण विद्यालयों को पुन: बंद करना पड़ा है.

 

आनलाइन शिक्षा को और सुगम एवं कारगर बनाने की आवश्यकता है

 

महामारी की इस घड़ी में भी हमने अपने विद्यार्थियों के लिए आनलाइन शिक्षा की व्यवस्था डीजी-साथ कार्यक्रम के तहत की है. इसके अतिरिक्त दूरदर्शन एवं आकाशवाणी के माध्यम से भी पठन-पाठन का कार्यक्रम संचालित किया जा रहा है. लेकिन इससे काम नहीं चलेगा, हमें आनलाइन शिक्षा को और सुगम एवं कारगर बनाने की आवश्यकता है. झारखंड में माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक बोर्ड परीक्षा का परिणाम उत्साहवर्द्धक रहा है. मैट्रिक बोर्ड में 96 प्रतिशत छात्रों ने सफलता प्राप्त की है, जबकि संथाल परगना प्रमंडल में कुल 95 प्रतिशत छात्रों ने सफलता हासिल की है. महामारी की कठिन घड़ी में इस बेहतरीन उपलब्धि के लिए झारखंड के शिक्षकों तथा विद्यार्थियों को बधाई देते हैं.

 

मातृभाषा आधारित बहुभाषी शिक्षण व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए सामग्रियों को विकसित किया गया:

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के विभिन्न क्षेत्रों की भाषाओं को ध्यान में रखते हुए मातृभाषा आधारित बहुभाषी शिक्षण व्यवस्था करने के लिए सामग्रियों को विकसित किया गया है. विभिन्न जिलों के 250 विद्यालयों को विशेष रूप से चिह्नित करते हुए प्रायोगिक तौर पर मातृभाषा आधारित शिक्षण व्यवस्था लागू करने की योजना तैयार की है. इस योजना के फलाफल के आधार पर अन्य विद्यालयों में भी इस व्यवस्था को लागू किया जाएगा. इसका सीधा लाभ राज्य के उन बच्चों को मिलेगा जो मातृभाषा में पढ़ाई नहीं होने के कारण विद्यालय जाना छोड़ देते थे.

 

 

असंगठित श्रमिकों का निबंधन कराने के लिए ई-श्रम पोर्टल लांच किया गया है

असंगठित श्रमिकों का निबंधन कराने के लिए ई-श्रम पोर्टल लांच किया गया है. इस पोर्टल पर झारखंड राज्य के कुल 80 लाख से अधिक श्रमिकों का निबंधन किया जा चुका है. इसके तहत निर्माण कार्य करने वाले श्रमिक, घरेलू मजदूर, कृषि श्रमिक, रेहड़ी-पटरी वाले एवं अन्य सभी असंगठित क्षेत्र के मजदूर सम्मिलित हो सकेंगे.

 

रिक्त पदों पर नियुक्ति की प्रक्रिया को गति प्रदान करने का किया जा रहा है प्रयास

राज्य सरकार द्वारा वर्षों से लंबित रहे रिक्त पदों पर नियुक्ति की प्रक्रिया को गति प्रदान करने के लिए विभिन्न नियुक्ति नियमावलियों एवं परीक्षा संचालन नियमावलियों के गठन वह संशोधन की कार्रवाई की गयी है. राज्य के युवाओं को सरकारी नौकरी में अधिक-से-अधिक अवसर प्रदान करने के उद्देश्य से विभिन्न नियुक्ति एवं परीक्षा संचालन नियमावली अंतर्गत अनिवार्य शैक्षणिक योग्यता के रूप में अभ्यर्थियों का मैट्रिक,10वीं कक्षा तथा इंटरमीडिएट,10+2 कक्षा झारखंड राज्य में अवस्थित मान्यता प्राप्त शैक्षणिक संस्थान से उत्तीर्ण होना अनिवार्य किया गया है। अभ्यर्थियों को स्थानीय रीति-रिवाज, भाषा एवं परिवेश का ज्ञान होना भी अनिवार्य किया गया है.

 

 

आदिवासी युवाओं को विश्वस्तरीय शिक्षा के अवसर प्रदान करने के लिए पारदेशीय छात्रवृति योजना लागू की गयी है

 

दुमका में मुख्यमंत्री श्री सोरेन ने कहा कि झारखंड के आदिवासी युवाओं को विश्वस्तरीय शिक्षा के अवसर प्रदान करने हेतु झारखंड सरकार द्वारा मरङ गोमके जयपाल सिंह मुंडा पारदेशीय छात्रवृति योजना लागू की गयी है. इस योजना के अंतर्गत प्रत्येक वर्ष अनुसूचित जनजाति के 10 प्रतिभावान छात्र-छात्राओं को चयनित कर इंग्लैंड और नार्थन आयरलैंड में अवस्थित विश्वविद्यालयों संस्थानों में कतिपय कोर्स में उच्च स्तरीय शिक्षा प्राप्त करने के लिए वित्तीय सहायता प्रदान की जा रही है.

 

इस वर्ष अनुसूचित जनजाति समुदाय के सात छात्र-छात्राओं को लाभान्वित किया गया है।भविष्य में इस योजना का विस्तार किया जाएगा. एक छात्र पर लगभग एक करोड़ रुपये की राशि सरकार खर्च कर रही है. झारखंड अन्तर्गत निजी क्षेत्र में स्थापित कारखानों,उद्योगों, संयुक्त उद्यमों तथा पीपीपी के तहत संचालित परियोजनाओं में होने वाली नियुक्तियों में 75 फीसद आरक्षण स्थानीय युवाओं के लिए करने हेतु झारखंड राज्य के निजी क्षेत्र में स्थानीय उम्मीदवारों का नियोजन अधिनियम, 2021 लागू किया गया है. हमारा यह प्रयास बेरोजगारी तथा पलायन की समस्या को कम करने में अत्यधिक सार्थक भूमिका निभाएगा.

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