न्यूज़ विंग
कल का इंतज़ार क्यों, आज की खबर अभी पढ़ें

घोषणा कर भूल गयी सरकारः 19 जुलाई- ना शेट्टी जी आये सदर अस्पताल चलाने, ना हर अनुमंडल में बना पॉलिटेक्निक कॉलेज

eidbanner
878

Surjit Singh
झारखंड में बहुमत की सरकार है. सरकार के मुखिया को इसका गुमान भी है. अक्सर कहते हैं कि हमने हर क्षेत्र में बहुत काम किया. झारखंड में ‘सबका साथ और सबका विकास’ हो रहा है. नेता-अधिकारी घोषणा कर, आदेश देकर हमें सपने दिखा जाते हैं. काम हुआ या नहीं, यह पूछने वाला कोई नहीं. इसे परखने के लिए न्यूज विंग ने “घोषणा करके भूल गयी सरकार” नाम से एक सीरीज शुरु की है. आज हम सरकार के तीनों साल में 19 जुलाई को सरकार द्वारा किये गये वायदों और दिये गये आदेशों-निर्देशों पर बात करेंगे.

इसे भी पढ़ेंः घोषणा कर भूल गयी सरकारः 16 जुलाई 2016: सीएम ने पंचायत प्रतिनिधियों को मोटिवेट करने की कही थी बात

19 जुलाई 2016 को मुख्यमंत्री रघुवर दास बेंगलुरु में थे. समझ सकते हैं, 20 जुलाई 2016 को अखबारों में मुख्यमंत्री की खबर पहले पन्ने पर छपनी ही थी. खबर थीः बेंगलुरु में उद्यमियों के साथ मुख्यमंत्री ने की बैठक, सदर अस्पताल को चलाने का डॉ शेट्टी ने दिया प्रस्ताव. खबरों में यह भी शामिल थी कि उद्योगपतियों ने चाकुलिया एयरपोर्ट के जीर्णोद्दार का प्रस्ताव दिया. बेंगलुरु की सिस्को कंपनी के साथ एमओयू हुआ है. सिस्को कंपनी राज्य के सभी इंजीनियरिंग, पॉलिटेक्निक व डिग्री कॉलेजों में छात्रों को नेटवर्किंग का प्रशिक्षण देगी. ब्रिटेनिया कंपनी ने भी झारखंड में निवेश की इच्छा जतायी है. वह फूड प्रोसेसिंग इंडस्ट्रीज स्थापित करेगा. सॉफ्टवेयर कंपनी ओरेकल व श्री सीमेंट के साथ भी एमओयू हुआ. ओरेकल क्लाउड डाटा और नेटवर्किंग में सरकार को सहयोग देगी. श्री सीमेंट कंपनी सीमेंट प्लांट लगायेगी.

इसे भी पढ़ेंः घोषणा कर भूल गयी सरकार – 15 जुलाई : नहीं बन सका मेडिकल वेस्ट ट्रीटमेंट प्लांट, हुनर ऐप भी हुआ बेकार

Related Posts

लातेहारः SDO सह LRDC जयप्रकाश झा समेत पांच रेवेन्यू अफसरों पर धोखाधड़ी का केस दर्ज, जमीन का फर्जी दस्तावेज तैयार कर हड़प ली दिव्यांग की राशि

भुसाड़ ग्राम निवासी जंगाली भगत ने टोरी-महुआमिलान नई वीजी रेलवे लाईन निर्माण में स्वीकृत भूमि अधिग्रहण की राशि में हेराफेरी करने का लगाया आरोप

सरकार की तरफ से जारी इन खबरों को पढ़ने के बाद राज्य के लोग कितने खुश हुए होंगे. छात्रों और बेरोजगार युवकों ने कितने सपने देखे होंगे. अच्छी शिक्षा मिलेगी, रोजगार मिलेगा. एक उम्मीद भी तो थी कि पहली बार बहुमत की सरकार बनी है. वह भी जीरो टॉलरेंस वाली. फिर काम तो होगा ही. आज दो साल बाद हालात क्या हैं. सदर अस्पताल को चलाने के लिए डॉ शेट्टी नहीं आये. ना ही छात्रों को नेटवर्किंग का प्रशिक्षण देने के लिए सिस्को कंपनी ही आयी. श्री सीमेंट ने अब तक अपना कोई प्लांट कहीं नहीं लगाया और ओरेकल क्लाउड का नाम तो दुबारा सुना भी नहीं गया.

इसे भी पढ़ेंःघोषणा कर भूल गयी सरकार – 14 जुलाई : साहब, दो साल बीत गये रांची कब बनेगी वाई-फाई सिटी

घोषणा है, घोषणा का क्या. 19 जुलाई 2017 को मुख्य सचिव राजबाला वर्मा ने उच्च शिक्षा सचिव को एक निर्देश दिया था. कहा था कि सरकार का प्रयास है कि सभी अनुमंडलों में पॉलिटेक्निक कॉलेज खोले जायें. इसके तहत कुछ अनुमंडलों में कॉलेज निर्माण का कार्य पूरा हो चुका है. कई अनुमंडलों में कॉलेज भवन निर्माण का काम प्रक्रिया में है. इस निर्देश को साल भर हो गये. राजबाला वर्मा रिटायर भी हो गयी. एक साल के भीतर राज्य में एक भी पॉलिटेक्निक कॉलेज खुला क्या. नहीं. उच्च शिक्षा विभाग भी अब उस आदेश-निर्देश को भूल ही गयी है.

हमें सपोर्ट करें, ताकि हम करते रहें स्वतंत्र और जनपक्षधर पत्रकारिता...

hosp22
You might also like
%d bloggers like this: