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घोषणा कर भूल गयी सरकारः 12 जुलाई 2016 : वादा किया था हाई स्कूल में 18584 और कस्तूरबा स्कूल के 2233 शिक्षक होंगे नियुक्त

दो सालों में नहीं हुई कोई भी नियुक्ति

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Surjit Singh

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झारखंड में बहुमत की सरकार है. सरकार के मुखिया को इसका गुमान भी है. अक्सर कहते हैं कि हमने हर क्षेत्र में बहुत काम किया. झारखंड में ‘सबका साथ और सबका विकास’ हो रहा है. इसे परखने के लिए न्यूज विंग ने “घोषणा करके भूल गयी सरकार” नाम से एक सीरीज शुरु की है. आज हम सरकार के तीन सालों के 12 जुलाई को सरकार के द्वारा की गयी घोषणाओं और लिये गये फैसलों की बात करेंगे. 12 जुलाई 2016 को सरकार ने दो बड़े फैसले लिये थे. अखबारों में बड़ी-बड़ी खबरें छपी थी. लगा था बहुमत वाली यह सरकार बच्चों की शिक्षा के प्रति गंभीर है. सरकार 20817 शिक्षकों की नियुक्ति करेगी. जिसमें 18584 हाई स्कूल के शिक्षक और कस्तूरबा विद्यालय के 2233 शिक्षक होंगे. जब स्कूलों में शिक्षक होंगे तब बच्चों की पढ़ाई भी अधिक बेहतर होगी.

पर, दुखद यह है कि यह सरकार भी पहले की सरकारों जैसी ही निकली. दो साल हो गये,  अब तक इन दोनों घोषणाओं को पूरा नहीं किया जा सका है. ना ही हाई स्कूल के लिए अब तक एक भी शिक्षक नियुक्त किये गये और ना ही कस्तूरबा विद्यालय के लिए. सरकार की शिक्षा मंत्री नीरा यादव ने आज ही के दिन दो साल पहले रांची विश्वविद्यालय के 56 वें स्थापना दिवस समारोह में यह घोषणा की थी कि झारखंड जल्द ही एजुकेशन हब बनेगा और उच्च शिक्षा के लिए बच्चों को बाहर नहीं जाना पड़ेगा. शिक्षा मंत्री अपनी घोषणा पर कितना काम कर सकी,  यह तो सबको पता ही हैं. हम उन्हें उनके कामों को लेकर कोई सर्टिफिकेट नहीं दे रहें. 11 जुलाई को एनसीईआरटी ने राष्ट्रीय उपलब्धि सर्वे परीक्षा की रिपोर्ट जारी कर दी है. इस परीक्षा में 10वीं क्लास के बच्चे शामिल हुए थे. रिपोर्ट के अनुसार झारखंड के 10वीं के छात्रों का औसत परिणाम 45 फीसदी से भी कम है. यह रिपोर्ट झारखंड सरकार, शिक्षा के क्षेत्र में मुख्यमंत्री रघुवर दास और शिक्षा मंत्री नीरा यादव के दावों को खारिज करने के लिए काफी है.

और हां.., आज ही के दिन 12 जुलाई 2016 को झारखंड सरकार के कैबिनेट की बैठक में हरमू रोड और कांटाटोली में फ्लाई ओवर बनाने को मंजूरी दी थी. फ्लाईओवर निर्माण का काम कितना आगे बढ़ गया, यह किसी से छिपा नहीं है. दो साल बाद भी इस फैसले की स्थिति, सरकार के कामकाज में तेजी लाने के दावों को सही नहीं ठहरा रही है.

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