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घोषणा कर भूल गयी सरकार – 15 जुलाई : नहीं बन सका मेडिकल वेस्ट ट्रीटमेंट प्लांट, हुनर ऐप भी हुआ बेकार

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Sweta Kumari

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Ranchi : झारखंड में बहुमत की सरकार है. सरकार के मुखिया को इसका गुमान भी है. अक्सर कहते हैं कि हमने हर क्षेत्र में बहुत काम किया. झारखंड में सबका साथ और सबका विकास हो रहा है. इसे परखने के लिए न्यूज विंग ने “घोषणा करके भूल गयी सरकार” नाम से एक सीरीज शुरु की है. आज हम सरकार के तीन सालों के कार्यकाल के बाद 15 जुलाई 2017 को की गयी घोषणाओं और लिये गये फैसलों की बात करेंगे.

 

15 जुलाई 2015 के दिन मीडिया में एक खबर आयी थी. जिसमें कहा गया था कि रातू के झिरी में मेडिकल वेस्ट ट्रीटमेंट प्लांट लगेगा. इसका डीपीआर तैयार कर लिया गया है. खबर में यह भी उल्लेख था कि झारखंड के सभी जिलों और मेडिकल कॉलोजों में 25 रेडियोलॉजी सेंटर बनाया जायेगा. जिसका संचालन मणिपाल ग्रुप करेगा और बदले में ग्रुप सरकार को 32 लाख का राजस्व देगा. तत्कालीन मुख्य सचिव राजीव गौबा की अध्यक्षता में स्वास्थ्य विभाग की स्टेयरिंग कमेटी ने इसपर अपनी सहमती भी दे दी थी. कैबिनेट से यह योजना पहले ही स्वीकृत हो चुकी थी. यह भी कहा गया था कि पीपीपी मोड पर संचालित इन सेंटरों पर बीपीएल मरीजों की जांच पूरी तरह से निशुल्क होगा. जबकि एपीएल वालों को इसकी सुविधा सीजीएचएस दर पर दी जायेगी.

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तत्कालीन मुख्य सचिव राजीव गौबा ने मेडिकल वेस्ट ट्रीटमेंट प्लांट का डीपीआर बनाने का निर्देश भी जारी कर दिया था. इसके अलावा गौबा ने हाईकोर्ट के मॉनिटरिंग के मद्देनजर राज्यभर के नर्सिंग होम, रेडियोलॉजी सेंटर के अलावा मल्टी स्पेशियलिटी अस्पतालों को मेडिकल वेस्ट के निपटारे के उपाय करने को कहा था. गौबा ने तो उस दौरान जमशेदपुर के टाटा मेन हॉस्पिटल और धनबाद के बीसीसीएल को निर्देश दिया था कि पूरे जिले के बायो मेडिकल वेस्ट का ट्रीटमेंट यही करें. लेकिन इस निर्देश के तीन साल बीत जाने के बाद भी आजतक कुछ नहीं हुआ.

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15 जुलाई 2017 को राज्य के मुख्यमंत्री रघुवर दास ने झारखंड मेरा हुनर ऐप लांच किया था. गुगल प्ले स्टोर में इस ऐप को डाउनलोड करने वालों की संख्या मात्र पांच हजार है. सिर्फ 98 लोगों ने इस पर कमेंट किया है. कमेंट करने वालों की टिप्पणियों से यह जाहिर होता है कि यह ऐप किसी भी बेरोजगार के लिए लाभदायक नहीं है. कई लोगों ने इस पर गंभीर टिप्पणियां की है. सरकार को इसे ठीक करनी चाहिए. हालांकि अब सरकार का सिस्टम इस ऐप की चर्चा भी नहीं करता.

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इसी कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा था कि जल्द ही राज्य में 50 हजार पदों पर नियुक्ति प्रक्रिया शुरु होगी. नियुक्ति प्रक्रिया की स्थिति क्या है, यह किसी से छिपी नहीं है. हमने इस सीरिज के पहले की कड़ी में इस पर चर्चा की थी.

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