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घोषणा कर भूल गयी सरकार- 28 सितंबर : न पर्यटन से झारखंड की किस्मत बदली और न पर्यटन स्थलों की सूरत

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Ranchi : झारखंड में बहुमत की सरकार है. सरकार के मुखिया को इसका गुमान भी है. अक्सर कहते हैं कि हमने हर क्षेत्र में बहुत काम किया. झारखंड में ‘सबका साथ और सबका विकास’ हो रहा है. नेता-अधिकारी घोषणा कर, आदेश देकर हमें सपने दिखा जाते हैं. काम हुआ या नहीं, यह पूछने वाला कोई नहीं. इसे परखने के लिए न्यूज विंग ने “घोषणा करके भूल गयी सरकार” नाम से एक सीरीज शुरू की है. आज हम सरकार के तीनों साल में 28 सितंबर को सरकार द्वारा किये गये वादों और दिये गये आदेशों-निर्देशों पर बात करेंगे.

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तिरुपति की तर्ज पर विकसित होना था बैद्यनाथ धाम

28 सितंबर 2015 को झारखंड पर्यटन नीति जारी करते हुए मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा था कि पर्यटन से झारखंड की किस्मत बदल जायेगी. इसके साथ ही उन्होंने कहा था कि गरीबों को पर्यटन से रोजगार दिया जायेगा. पारसनाथ तीर्थस्थल को पीपीपी मोड पर विकसित करने की भी घोषणा सीएम रघुवर दास ने की थी. इसके अलावा झारखंड के प्रसिद्ध तीर्थस्थल बैद्यनाथ धाम को तिरुपति के तर्ज पर बनाने की भी बात सीएम ने की थी. प्रसिद्ध शक्तिपीठ रजरप्पा के विकास में दो महीने में ही 4.5 करोड़ खर्च करने की बात सीएम रघुवर दास ने कही थी. ये सारी घोषणाएं पर्यटन नीति जारी करते हुए की गयी थीं. इतनी सारी घोषणाएं एक दिन में ही कर मुख्यमंत्री ने लोगों को स्वप्न तो दिखाया पर उनमें से कुछ भी पूरा नहीं हुआ. पर्यटन से झारखंड की किस्मत तो नहीं बदली, अलबत्ता जो पर्यटन स्थल हैं उनकी हालत और भी खस्ता हो गयी है. सुरक्षा का यह आलम है कि शाम ढलने से पहले ही लोग उन स्थलों से वापस लौटने की सोचने लगते हैं. राजधानी और असपास के फॉल की बात करें तो वहां न तो कोई सुविधा है और न ही कोई सुरक्षा. आये दिन फॉल में ढूबने से पर्यटकों की मौत हो जाती है.
गरीबों के सामने रोजी-रोजगार की समस्या जस की तस है. पारसनाथ को पीपीपी मोड पर विकसित करने के मुद्दे पर अब तक कुछ ठोस प्रगति सामने नहीं अयी है. रजरप्पा में 4.5 करोड़ के क्या विकास कार्य हुए ये तो वहां के दुकानदार, पुजारी या स्थानीय लोग ही बता पायेंगे. बाहर से जानेवाले लोगों को पहले और अब में कोई खास फर्क नजर नहीं आता.
28 सितंबर 2016 को केंद्रीय कृषि मंत्री राधामोहन सिंह ने कृषि विभाग की समीक्षा के दौरान कहा था कि कृषि विभाग की योजनाएं डीबीटी से जुड़ेंगी. यानी किसानों को मिलनेवाला लाभ सीधे उनके खाते में जायेगा। इस योजना से राज्य के लाखों किसानों को सीधा फायदा पहुंचता यदि यह बात अमल में आती तो.

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