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सरकार ने टाना भगतों के 61,63,209 रुपये की बकाया सेस राशि को किया माफ

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  • मुख्यमंत्री के साथ हुई वार्ता के बाद लिया गया फैसला
  • रांची, लोहरदगा, गुमला, लातेहार, खूंटी समेत आठ जिलों में रह रहे टाना भगतों को मिली बड़ी राहत
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Ranchi : झारखंड सरकार ने टाना भगतों के 61,63,209 रुपये के बकाया सेस की राशि को माफ कर दिया है. रांची, लोहरदगा, गुमला, लातेहार, खूंटी समेत आठ जिलों में रह रहे टाना भगतों के वैसे परिवार, जिनके पास 10 एकड़ से अधिक जमीन थी, अब उनका लगान शुल्क और सेस की वसूली सरकार नहीं करेगी. सरकार ने एक रुपये टोकन मनी के रूप में बकाया राशि की वसूली समाप्त करने की घोषणा की है. राजस्व, भूमि सुधार एवं निबंधन विभाग की तरफ से इस संबंध में सभी संबंधित जिलों के उपायुक्तों को आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया है. विभाग की ओर से कहा गया है कि टाना भगत परिवारों द्वारा धारित जमीन की लगान रसीद भी जल्द से जल्द निर्गत की जाये. इसको लेकर टाना भगत कई वर्षों से आंदोलनरत थे.

मुख्यमंत्री के साथ हुई थी वार्ता

मुख्यमंत्री रघुवर दास और आंदोलनरत टाना भगतों के बीच 27 नवंबर 2018 को प्रोजेक्ट भवन मंत्रालय में लगान शुल्क और सेस राशि के भुगतान को लेकर वार्ता भी हुई थी. मुख्यमंत्री ने वार्ता के क्रम में एक रुपये टोकन सेस के प्रावधान को समाप्त करने का आश्वासन भी दिया था. इतना ही नहीं, टाना भगतों के परिजनों द्वारा ली गयी जमीन को लगान मुक्त करने पर भी सहमति बनी थी. सरकार ने मुख्यमंत्री के साथ हुई वार्ता के आधार पर टाना भगतों द्वारा धारित 10 एकड़ भूमि को बंधेज से मुक्त करने का फैसला लिया है.

अब टाना भगतों को मिल पायेगा सरकारी योजनाओं का लाभ

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टाना भगतों के लिए सरकार कई योजनाएं चला रही है. सरकार के उपरोक्त फैसले से टाना भगतों की सूची के सत्यापन के कार्य में तेजी आयेगी और उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ मिल पायेगा. रांची, खूंटी, गुमला, सिमडेगा, लोहरदगा, चतरा, पलामू और लातेहार में पंजी-2 (रजिस्टर-2) के आधार पर सत्यापन कार्य पूरा करना है. टाना भगतों के उत्तराधिकार के आधार पर नामांतरण (म्यूटेशन) अभी भी अंचलों में लंबित है. प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत इन्हें एक अतिरिक्त कमरा बनाकर उपलब्ध कराना है.

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