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प्लस टू स्कूलों में क्षेत्रीय जनजातीय भाषा विषय में एडमिशन नहीं लेने का सरकारी फरमान दुर्भाग्यपूर्ण : डॉ अर्चना

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Ranchi : राज्य के प्लस टू विद्यालयों में जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विषय सहित अन्य विषयों की पढ़ाई बंद करने के माध्यमिक शिक्षा निदेशालय के आदेश पर रोक लगाने की मांग को लेकर आज गुरुवार को विश्वविद्यालय कैंपस, मोरहाबादी में बैठक हुई. बैठक झारखंड विश्वविद्यालय अनुबंध प्राध्यापक महासंघ और जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा शोधार्थी संघ के संयुक्त तत्वावधान में हुई. मौके पर बैठक की अध्यक्षता करते हुए डॉ. अर्चना कुमारी ने कहा कि 10+2 में झारखंडी भाषाओं में स्टूडेंट्स का एडमिशन नहीं लिये जाने का फरमान जारी किया जाना दुर्भाग्य की बात है. यहां की भाषा-संस्कृति को खत्म करने की साजिश सरकार की ओर से की जा रही है, जिसे कतई बर्दाश्त नहीं किया जायेगा.

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झारखंडियों का अस्तित्व खत्म करने की दिशा में अग्रसर है सरकार, करेंगे आंदोलन : निरंजन

झारखंड विश्वविद्यालय अनुबंध प्राध्यापक महासंघ के अध्यक्ष निरंजन कुमार ने कहा कि झारखंड सरकार झारखंडियों के अस्तित्व को ही समाप्त करने की दिशा में अग्रसर है. सरकार के इस तानाशाही रवैये के खिलाफ व्यापक आंदोलन चलाया जायेगा. इस बैठक में मुख्य रूप से डॉ. सरस्वती गगराई, युगेश महतो, विजय कुमार साहू, डॉ किरण कुल्लू, अरुण आशीष तिग्गा, संतोष भगत, करम सिंह मुंडा, पार्वती मुंडू, धीरज कुमार के अलावा कई अन्य सहायक प्राध्यापक और शोधार्थी मौजूद थे.

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