JharkhandLead NewsRanchi

भुईंहरी जमीन की खरीद बिक्री की रिपोर्ट पर सरकार की नजर, जानें, रडार पर हैं कौन से खाते

Ranchi : राज्य सरकार भुईंहरी जमीन की अवैध तरीके से खरीद बिक्री मामले पर अब सख्ती दिखाने के मूड में है. खास कर निलंबित आइएएस पूजा सिंघल के पति अभिषेक झा के द्वारा भुईंहरी जमीन पर बनाये गये पल्स हॉस्पिटल का मामला तूल पकड़ते देख इस पर अब सजगता बढ़ायी गयी है. इस अस्पताल की जमीन के नेचर को लेकर करीब दो साल पहले ही इस मामले की जांच भी हुई थी. हालांकि इसका कोई फलाफल नहीं निकला था. अब सरकार न सिर्फ इस अस्पताल बल्कि इसके समीप स्थित भुईंहरी जमीन पर बने एक दर्जन से अधिक छोटी-बड़ी इमारतों को भी जांच के घेरे में ला रही है. दक्षिणी छोटानागपुर प्रमंडल के आयुक्त डॉ. नितिन मदन कुलकर्णी इसे लेकर गंभीर हैं. आयुक्त कार्यालय की ओर से बड़गाईं सीओ से भुईंहरी जमीन के संबंध में चार बिंदुओं पर जवाब मांगा गया है. आयुक्त के सचिव जुल्फिकार अली के हस्ताक्षर से जारी लेटर में सीओ को एक सप्ताह के अंदर चार बिंदुओं पर पूछे गये सवाल से संबंधित विस्तृत प्रतिवेदन उपलब्ध कराने को कहा गया है.

इसे भी पढ़ें – ब्यूरोक्रेट्स के हर मर्ज की दवा है विशाल चौधरी, ‘हर डिमांड’ पूरी करने का है हुनर 

इन खातों पर है नजर

Catalyst IAS
SIP abacus

जानकारी के मुताबिक राज्य सरकार की नजर बड़गाईं, मोरहाबादी के खाता संख्या 121, 127, 160, 161, 19, 53, 55, 80 (खेसरा संख्या 1138, 1139, 1143, 1144, 1147, 1149, 1150, 1152, 1154, 1157, 1160, 1161, 1244) पर विशेष नजर है. इन खातों का कुल रकबा 20 कट्ठा, 14 छटांक 11 वर्गफीट का है. सरकार ने इन खातों को भुईंहरी नेचर के होने के बावजूद इसका व्यावसायिक उपयोग के लिए बेचे जाने पर नाराजगी जाहिर करते इसे जांच के दायरे में लिया है. गौरतलब है कि इंद्रदेव लाल नामक व्यक्ति ने प्रमंडलीय आयुक्त के पास आवेदन देकर भुईंहरी जमीन की खरीद-बिक्री और लगान रसीद काटे जाने को लेकर शिकायत की थी. इसके बाद ही कमिश्नर कार्यालय की ओर से सीओ से रिपोर्ट मांगी गयी है.

Sanjeevani
MDLM

इन बिंदुओं पर जवाब

कमिश्नर ने जो रिपोर्ट मांगी है, इसमें कई बिंदुओं पर जानकारी मांगी गयी है. पहला भुईंहरी जमीन का म्यूटेशन कैसे हुआ. जमाबंदी कैसे खुल गया. इसमें उस वक्त कौन-कौन से अधिकारी, कर्मी इसमें शामिल थे. पंजी-2 में इसे किस तरह और किस आधार पर चढाया गया. रसीद कैसे काट दिया गया.

ये है शिकायत

कमिश्नर कार्यालय में की गयी शिकायत में कहा गया है कि कई लोगों के नाम से भुईंहरी जमीन की जमाबंदी कर दी गयी है. नियम विरुद्ध तरीके से इनका लगान रसीद भी निर्गत हो रहा है. अशोक जैन, अनिल कुमार जैन, विजय कुमार जैन, रमेश कुमार जैन और वरुण बख्शी के नाम से भुईंहरी नेचर की जमीन पर जमाबंदी के साथ रसीद निर्गत हुई है.

इसे भी पढ़ें – सीएम के प्रधान सचिव का करीबी विशाल विदेश भ्रमण का है शौकीन, दो वर्ष में तीन करोड़ खर्च करने की चर्चा

Related Articles

Back to top button