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दो सप्ताह में पीएम आवास योजना के नॉन स्टार्टर काम को पूरा करने में लगी सरकार, 30 दिनों में 20 हजार आवास होंगे तैयार

Ranchi: राज्य में पीएम आवास योजना (शहरी) के तहत कई नॉन स्टार्टर काम अटके पड़े हैं. नव स्वीकृत आवासों के फाउंडेशन की गति काफी धीमी है. राज्य के निकायों में अभी भी पुराने लगभग 3000 आवास नॉन स्टार्टर स्टेज में हैं. अब 15 दिनों के अन्दर सभी नॉन स्टार्टर पर नगर विकास विभाग दो सप्ताह के अंदर काम शुरू करायेगा. गुरुवार को नगरीय प्रशासन निदेशालय, नगर विकास एवं आवास विभाग की निदेशक विजया जाधव ने पीएम आवास योजना की विडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से समीक्षा की.

इस दौरान राज्य के सभी नगर निकायों के नगर आयुक्त, कार्यपालक पदाधिकारी, नगर प्रबंधक तथा सीएलटीसी विशेषज्ञ भी मौजूद थे. समीक्षा के क्रम में उन्होंने आवासों के जिओ टेगिंग, राशि का भुगतान, नॉन स्टार्टर आवासों को अविलम्ब शुरू कराने और पूर्ण आवासों की संख्या को बढ़ाने पर जोर दिया.

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बैठक में वर्ष 2015-16, 2016-17, 2017-18 के लंबित आवासों को एक माह के अन्दर पूरा करने का भी जिम्मा दिया. इससे संबंधित प्रतिवेदन निदेशालय को भेजने को अभी भी राज्य में लगभग 20,000 आवास लिंटल एवं रूफ स्टेज पर हैं. सभी को एक माह के अन्दर पूर्ण करने को कहा.

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लाभुकों को अविलम्ब हो किश्तों का भुगतान

निदेशक ने सभी निकायों को लाभुकों के लंबित किश्तों के भुगतान हेतु निदेश दिया. साथ ही आवासों के जिओ टेगिंग के उपरांत तीन दिनों के अन्दर भुगतान करने को कहा. ज्ञात हो कि केंद्र सरकार एवं राज्य सरकार के वित्त विभाग के निदेश के आलोक में राज्य में एसएनए एकाउंटिंग सिस्टम लागु किया गया है.

इसके द्वारा सभी नगर निकाय प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के लाभुकों के खाते में डी बी टी (पीऍफ़एमएस) माध्यम से सीधे राशि का भुगतान कर रहा है.

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आपके अधिकार, आपकी सरकार का उपयोग

मुख्यमंत्री के निदेशानुसार आपके अधिकार, आपकी सरकार, आपके द्वार कार्यक्रम में लक्षित लाभुकों तक पीएम आवास योजना की जानकारी प्रदान की जायेगी. इसके साथ ही किफायती आवास परियोजना के तहत बनाये जा रहे आवासों के लिए शिविर में नागरिकों को प्रेरित करने के लिए निदेश दिया गया है.

विजया जाधव ने कहा कि पीएम आवास योजना में महिलाओं को आवास स्वामित्व दिया जा रहा है. साथ ही कहा कि जिन निकायों में बार-बार निर्देश के बाद भी प्रगति धीमी है, वहां के नगर प्रबंधकों एवं CLTC विशेषज्ञ को अंतिम अवसर दिया जा रहा है. ऐसा नहीं होने पर उनकी संविदा समाप्त करने की कार्रवाई की जाएगी.

जिन लाभुकों द्वारा राशि लेने के बाद भी आवास निर्माण प्रारंभ नहीं किया जा रहा है, वैसे लाभुकों से राशि वापसी की कारवाई की जायेगी. अन्यथा वहां के नोडल अधिकारी के वेतन से राशि की रिकवरी की जाएगी.

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