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लीड्स की कार्यशाला में वक्ताओं ने कहा- सरकार काम तो ले रही है, लेकिन पैसे नहीं देना चाहती

Ranchi:  सरकार गैर सरकारी संस्थाओं से काम तो ले लेती है लेकिन उनकी फंडिंग को रोक दिया जा रहा है. जबकि सरकार ये जान चुकी है कि बिना इन संगठनों के सहयोग के सरकार जमीनी स्तर पर विकास नहीं कर सकती.

उक्त बातें लीड्स की ओर से आयोजित एक दिवसीय कार्यशाला में वक्ताओं ने कही. कार्यक्रम का आयोजन होटल ली लैक में किया गया. इस दौरान वक्ताओं ने कहा कि सरकार के इस रवैये के कारण संस्थाएं कमजोर पड़ती जा रही हैं.

काम लेने के बदले संस्थाओं को दबाने का काम हो रहा है. गांवों में काम करा लिया जाता है लेकिन संस्थाओं को पैसा दिया नहीं जा रहा.

जबकि शहरों में बड़े-बड़े होर्डिंग्स लगा कर फंडिंग एजेंसियां दिखाती हैं कि उन्होंने काम किया है. जो सिर्फ संस्थाओं को परेशान करने का काम है.

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सही ऑडिटिंग करायें संस्थान

कार्यशाला में यह जानकारी संस्थाओं को दी गयी कि कई बार संस्थान अपने ऑडिटिंग के कारण पकड़े जाते हैं. क्योंकि वे सही ऑडिट रिर्पोट नहीं देते. ऐसे में इन संस्थाओं को यह जानकारी लेनी होगी कि वे सही ऑडिट रिर्पोट ही दें.

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रकम चाहे कितनी भी हो लेकिन सही ऑडिट रिपोर्ट देने से संस्थाओं को किसी तरह का खतरा नहीं रहता.

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अस्तित्व बचाने के लिए एकजुटता जरूरी

लीड्स निदेशक एके सिंह ने जानकारी दी कि गैर सरकारी संस्थाओं को इस समस्या से लड़ने के लिए एकजुटता जरूरी है.

पहले संस्थाओं की संख्या अधिक थी. बैठक आयोजित करने से मुश्किल से संस्थाएं उनमें शामिल होती हैं. इससे पता चलता है कि संस्थाओं के अधिकारों और कार्य पर सरकार ने किस तरह प्रहार किया है.

उन्होंने कहा कि राज्य में झारवन गठित हो जाने से इस समस्या का समाधान होगा. संस्थाएं एकजुट होकर काम करेंगी.

इस दौरान कुछ संस्था के प्रतिनिधियों ने कहा कि काम निकल जाने के बाद जब पैसे देने की बात आती है तो फंडिंग एजेंसियां या कंपनियां छोटी-छोटी कमियों पर मुकदमा कर देती हैं.

आदिवासी संस्थाओं पर पड़ा प्रभाव

वक्ताओं ने कहा कि सरकारी सीएसआर समेत अन्य जटिल प्रकियाओं के कारण शून्य पूंजी वाली संस्थाएं, जो जमीन स्तर पर काम करती हैं, सीधे प्रभावित हुई हैं. इन संस्थाओं में दलित, आदिवासी संस्थाएं हैं. जो काफी कम पूंजी में सिर्फ अंतिम वर्ग के लोगों के लिए काम करती हैं.

बाइडिंग फंडिंग से तो इनके कार्य प्रणाली में और भी अधिक प्रभाव पड़ा है. मौके पर सच्चिदानंद, कुमार रंजन, पत्रकार मधुकर, उमेश कुमार, गणेश रवि, अजुर्न समेत अन्य लोग उपस्थित थे.

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