GiridihJharkhand

सेवा में लापरवाही करने पर नपेंगे सरकारी डॉक्टर : निधि खरे

 

Giridih : झारखंड सरकार के स्वास्थ्य विभाग की प्रधान सचिव निधि खरे ने रविवार को गिरिडीह के चैताडीह में बने मदर एंड चाइल्ड केयर यूनिट का निरीक्षण किया. निरीक्षण के दौरान उन्होंने गिरिडीह उपायुक्त डॉ नेहा आरोड़ा और सिविल सर्जन डॉ रामरेखा प्रसाद को कई आवश्यक दिशा निर्देश देते हुए इस यूनिट को एक सप्ताह के अंदर चालू करने का निर्देश दिया. उन्होंने इस यूनिट में कार्य करने वाले सभी डॉक्टरों को साफ हिदायत दी कि सरकार ने करोड़ों का खर्च कर बेहतरीन संसाधन उपलब्ध कराया है, इसका दुरूपयोग करने वाले और सेवा में लापरवाही करने वाले सरकारी डॉक्टरों पर विभाग सख्त कार्रवाई करेगा. निरीक्षण के दौरान प्रधान सचिव के साथ उपायुक्त नेहा अरोड़ा, प्रशिक्षु आईएएस प्रेरणा दीक्षित, डीडीसी मुकुंद कुमार, सीएस रामरेखा प्रसाद समेत स्वास्थ्य विभाग के कई अधिकारी और डॉक्टर मौजूद थे.

इसे भी पढ़ें: सिविल सोसायटी की भागीदारी से सफल होगी आयुष्मान भारत योजना : महेश पोद्दार

 शिशु चिकित्सा की बेहतरीन सुविधा उपलब्ध कराने का दावा

गिरिडीह जिले में इलाज के अभाव में कई नवजात बच्चे दम तोड़ देते थे. गंभीर अवस्था में बच्चों को चिकित्सा के लिए बाहर भेजना पड़ता था. अब गिरिडीह में नवजात बच्चों के लिए स्पेशल न्यूबॉर्न केयर यूनिट (एसएनसीयू) चालू होने से यहां के लोगों को बहुत सुविधा होगी.

इसे भी पढ़ें: देवघर के बाबा मंदिर में पूजा करने पहुंचे गोड्डा सांसद निशिकांत दुबे का तीर्थपुरोहितों ने किया विरोध,…

मानव संसाधन की कमी पर खामोश है विभाग

करोड़ों की लागत से गिरिडीह सदर अस्पताल की मातृत्व एवं शिशु चिकित्सा इकाई तो बन कर तैयार हो गई. लेकिन बड़ा सवाल यही है कि पहले से डॉक्टर और प्रशिक्षित मेडिकल कर्मियों का अभाव झेल रहा गिरिडीह स्वास्थ्य विभाग इस नए विभाग को कैसे संभालेगा. जो सरकारी डॉक्टर सदर अस्पताल में कार्यरत हैं उनपर सही तरीके से ड्यूटी नहीं करने और ड्यूटी के समय प्राइवेट प्रैक्टिस करने के आरोप लगते रहे हैं. ऐसे में उन्हीं दो-चार डॉक्टरों के भरोसे इस विशेष यूनिट के संचालन की कोशिश करना बस एक खानापूर्ति ही लगता है. इस सवाल पर पूरा स्वास्थ्य महकमा खामोश है.

 

Related Articles

Back to top button