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स्थानीय नीति पर रघुवर सरकार ने हाईकोर्ट में ठीक से पक्ष नहीं रखा: त्रिपाठी

Palamu : झारखंड हाईकोर्ट द्वारा राज्य सरकार की स्थानीय नीति को सही ठहराये जाने के फैसले पर पूर्व मंत्री केएन त्रिपाठी ने रघुवर सरकार को कठघरे में खड़ा किया है. कांग्रेस नेता ने कहा कि राज्य की बीजेपी सरकार ने स्थानीय नीति के विरुद्ध हाईकोर्ट में अपनी ही डमी संस्था के जरिये केस फाइल कराकर ऐसा पक्ष रखा, जिससे कोर्ट ने सरकार की वर्तमान स्थानीय नीति को सही करार दिया, जबकि हकीकत कुछ और ही है.

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राज्य की वर्तमान स्थानीय नीति झारखंडवासियों के लिए सरासर गलत

श्री त्रिपाठी ने कहा कि राज्य की वर्तमान स्थानीय नीति झारखंडवासियों के लिए सरासर गलत है. इसमें कई पेंच हैं, जिसको दुरुस्त करने की जरुरत है. कहा कि सही पक्षों को सरकार हाईकोर्ट के समक्ष रखती तो फैसला इसके इतर आता. तृतीय व चतुर्थ वर्गीय बहाली में एकरूपता लाने पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि सरकार सिपाही से लेकर शिक्षक तक व सहायक से लेकर क्लर्क तक केवल झारखंडियों की ही नियुक्ति करे. साथ ही उनकी नियुक्ति उसी जिले में हो जहां के लिए बहाली निकाली गयी है.

जेपीएससी (झारखंड पब्लिक सर्विस कमीशन) में अगले 10 साल तक केवल झारखंडियों की ही नियुक्ति की मांग करते हुए उन्होंने कहा कि चूंकि झारखंड में अनुसूचित जाति, जनजाति, गरीब व पिछडे लोगों की बहुलता है. फलस्वरूप पूरे देश के मानव संसाधन के साथ प्रतियोगिता करने में हमारा राज्य अभी सक्षम नहीं है. ऐसे में सेकंड क्लास मजिस्ट्रेट ऑफिसर जैसी नौकरियों (जेपीएससी) में सरकार अगले 10 साल तक राज्य के युवाओं को प्राथमिकता दे.

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