Ranchi

2014 में स्मार्ट सिटी और  2019 में एक लाख डिजिटल गांव का जुमला सुनाया सरकार ने : जयशंकर चौधरी

Ranchi : नये-नये जुमलों से सरकार जनता को लुभाने की कोशिश कर रही है. सरकार को अब यह समझ जाना चाहिए कि जनता अब सरकार की मंशा को समझ चुकी है. इस बार जनता सरकार की बातों में नहीं आनेवाली. उक्त बातें आम आदमी पार्टी (आप) के प्रदेश संयोजक जयशंकर चौधरी ने कहीं. उन्होंने कहा कि सरकार ने जो अंतरिम बजट पेश किया, वह पूरी तरह से चुनावी घोषणापत्र है. सरकार ने सिर्फ आंकड़ों के जरिये अपने पिछले चार साल की उब्लब्धियां गिनाने की कोशिश की, जो धरातल पर कभी नजर ही नहीं आती. उन्होंने कहा राज्य में भुखमरी अधिक है. शिक्षा और स्वास्थ्य भी बदहाल हैं. ऐसे में यह बजट राज्य को निराश करनेवाला है.

डिजिटल गांवों का जुमला सुना दिया

जयशंकर चौधरी ने कहा कि 2014 के बजट में 100 स्मार्ट सिटी का जुमला दिया गया था, जिसका जिक्र तक इस बजट में नहीं किया गया. बल्कि, एक लाख डिजिटल गावों का नया जुमला सुना दिया गया. 2030 तक के लिए सिर्फ लुभावने सपने दिखाये गये.

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सोशल जस्टिस के फंड में कटौती

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जयशंकर चौधरी ने कहा कि रोजगार पैदा करने की कोई ठोस घोषणा नहीं आयी. जबकि बेरोजगारी 45 साल के इतिहास में सबसे ज्यादा है. इसके लिए सोशल जस्टिस के फंड में भी भारी कटौती की गयी, जो बिल्कुल ही गलत है. गरीबों और किसानों के लिए नयी घोषणाएं की गयीं, जो चुनावी घोषणा से ज्यादा नहीं है. महंगाई को गलत आंकड़ों से कम दिखाने की कोशिश की गयी, जबकि जनता इससे बदहाल है.

बेहद बेशर्मी से कहा युवा बनें जॉब क्रिएटर्स

चौधरी ने कहा कि इस बजट में रोजगार के सवाल पर बिल्कुल चुप्पी साध बेहद बेशर्मी से कहा गया है कि भारत में रोजगार खोजनेवाले अब रोजगार देनेवाले बन चुके हैं. भारी बेरोजगारी से जूझ रहे देश के युवाओं का यह बेहूदा तरीके से अपमान किया गया है. वहीं, किसानों और मजदूरों को भी सरकार ने अपमानित किया. उनके लिए जो योजनाएं लायी जा रही हैं, उनसे उनका कुछ नहीं होनेवाला.

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