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सरकार ने ई-कल्याण पोर्टल दोबारा खोलने का लिया फैसला, वंचितों को मिलेगी बकाया छात्रवृत्ति

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Ranchi : झारखंड सरकार ने अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अल्पसंख्यक और पिछड़ी जाति के छात्रों के लिए छात्रवृत्ति पोर्टल ई-कल्याण दोबारा खोलने का निर्णय लिया है. सरकार ने ई-कल्याण पोर्टल को 13 अगस्त को बंद कर दिया था. जनजातीय कल्याण आयुक्त गौरी शंकर मिंज ने इस संबंध में मान्यता प्राप्त संस्थानों से पोर्टल पर नामांकन से संबंधति आवश्यक सूचनाएं भरने का आग्रह किया है.

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खबर का असर

न्यूज विंग ने इस संबंध में 11 सितंबर को खबर प्रकाशित कर जानकारी दी थी कि कई संस्थानों के नाम पोर्टल से गायब हो गये हैं. इसकी वजह से राज्य और राज्य से बाहर उच्च शिक्षा ग्रहण कर रहे एससी, एसटी, ओबीसी और अल्पसंख्यक छात्रों को तीन-तीन साल से छात्रवृत्ति की राशि नहीं मिल पा रही थी.

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सरकार ने पोर्टल में मांगी है विस्तृत जानकारी

राज्य सरकार की तरफ से मान्यता प्राप्त संस्थानों से आवेदन के रूप में कई जानकारी मांगी गयी है. इसमें संस्थान के प्रमुख अथवा प्राचार्य के द्वारा पूरा ब्योरा मांगा गया है. आवेदन में संस्थान के खाते, बैंक का नाम, अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद तथा अन्य संस्थानों से संबद्धता के दस्तावेज, मान्यता देनेवाले प्राधिकार द्वारा तय की गयी शैक्षणिक शुल्क का ब्योरा भी मांगा गया है. सारे आवेदन आदिवासी कल्याण आयुक्त के कार्यालय में लिये जायेंगे. पूर्व में ई-कल्याण पोर्टल पर नामांकित संस्थान के प्रधान द्वारा भी सभी दस्तावेजों को जमा करने के निर्देश दिये गये हैं. इ-पोर्टल में संस्थानों के द्वारा सभी एसटी, एससी, ओबीसी और अल्पसंख्यक छात्र-छात्राओं का ब्योरा बैंक खातों के साथ देना भी जरूरी किया गया है.

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400 करोड़ से अधिक की छात्रवृत्ति का होता है वितरण

राज्य सरकार की तरफ से 400 करोड़ से अधकि की छात्रवृत्ति का वतिरण प्रत्येक वर्ष किया जाता है. इसमें शैक्षणिक शुल्क, छात्रावास शुल्क और रख-रखाव शुल्क का भुगतान किया जाता है. सरकार की तरफ से यह राशि लाभुकों के बैंक खाते में हस्तांतरित की जाती है. सरकार ने इसको लेकर लाभुकों के बैंक खातों को आधार कार्ड से लिंक कर दिया गया है, ताकि सही छात्र को ही छात्रवृत्ति का लाभ मिल सके.

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