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सरकार ने माना पलामू में हो रही अवैध माइनिंग, एनजीटी ने डीसी से दो हफ्ते में मांगा जवाब

Ranchi: पलामू के पांडू प्रखंड में हो रहे अवैध माइनिंग को सरकार ने माना कि वहां अवैध माइनिंग जारी है. मामले की सुनवाई एनजीटी (नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल) में चल रही है. सरकार ने सुनवाई के दौरान एनजीटी में दाखिल किये शपथपत्र में कहा कि प्रथम दृश्टया प्रतीत हो रहा है कि क्षेत्र में अवैध माइंनिंग जारी है. इसके साथ ही माइंनिग पर रोक लगाने का आदेश भी जारी कर दिया गया है.

वहीं, पलामू डीसी की तरफ से ट्रिब्यूनल को बताया गया कि मामले में हाईलेवल कमेटी का गठन किया गया है, जो पूरे मामले की जांच करेगी. हालांकि इस पर ट्रिब्यूनल ने कहा कि अवैध खनन की बात स्वीकारी जा रही है तो कमेटी बनाकर किसका इंतजार किया जा रहा है. कोर्ट ने दो सप्ताह का समय कमेटी को रिपोर्ट देने के लिये दिया है. इसके साथ ही मामले की अगली सुनवाई पांच अप्रैल तय की गयी है. याचिकाकर्ताओं की ओर से एनजीटी में हाईकोर्ट अधिवक्ता अनुप कुमार अग्रवाल ने दलील पेश की.

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प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को निर्देश

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ट्रिब्यूनल ने मामले में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को भी एक पार्टी बनाया. इसके साथ ही बोर्ड को निर्देश दिया गया है कि कमेटी रिपोर्ट के आधार पर प्रदूषण बोर्ड आंकलन करेगी. जिसमें पर्यावरण को होने वाला नुकसान, नुकसान के भरर्पाइ में आने वाला खर्च, जिस व्यक्ति ने ये नुकसान किया उससे कितनी राशि मुआवजा के तौर पर वसूली जायें. समेत अन्य बातों को आंकलन करने का निर्देश दिया गया है.

ग्रामीणों के आंदोलन के बाद दायर की गयी याचिका

बता दें कि मामले में पिछले साल ही पांडु प्रखंड के ग्रामीण आंदोलनरत थे. आंदोलन क्षेत्र के धजवा पहाड़ में हो रहे अवैध माइंनिंग को रोकने के लिये किया गया. जिसके बाद एनजीटी में याचिका दायर की गयी. याचिका दायर धवजवा पहाड़ बचाओ संर्घष समिति की ओर से की गयी है. पिछली सुनवाई में एनजीटी ने पलामू डीसी को दो सप्ताह को समय देते हुए मामले में रिपोर्ट मांगी थी. याचिका दायर कर बताया गया है कि उच्च अधिकारियों को क्षेत्र में हो रहे अवैध खनन की जानकारी थी. बावजूद इसके अधिकारियों ने कार्रवाई नहीं की. सीओ की रिपोर्ट का हवाला देते हुए याचिका में कहा गया है कि सीओ की जांच रिपोर्ट में स्पष्ट है कि अवैध खनन किया जा रहा है. कारवाई की चेतावनी के बाद भी कारवाई नहीं की गयी. जबकि मामले की शिकायत डीसी से लेकर मुख्यमंत्री तक को की गयी है.

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