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Good News: राष्ट्रीय स्तर पर छायी झारखंड की पंचायतें, कपिला को नानाजी देशमुख राष्ट्रीय गौरव ग्राम सभा औऱ बुंडू को मिला बाल मैत्री पुरस्कार

- बुधुडीह को दीन दयाल उपाध्याय पंचायत सशक्तीकरण पुरस्कार

Ranchi: झारखंड की तीन पंचायतों ने राष्ट्रीय स्तर पर फिर से अपना नाम स्थापित करने में कामयाबी पायी है. केंद्र सरकार की ओर से राज्य की तीन पंचायतों कपिला, बुधुडीह और बुंडू को नेशनल अवार्ड के लिये चुना गया है. गिरिडीह जिले की कपिला पंचायत को राष्ट्रीय गौरव ग्राम सभा पुरस्कार 2021 के लिये जबकि इसी जिले की बुधुडीह को दीन दयाल उपाध्याय पंचायत सशक्तिकरण पुरस्कार और बोकारो की बुंडू पंचायत को बाल मैत्री राष्ट्रीय पुरस्कार 2021 के लिये फाइनल किया गया है.

पंचायती राज विभाग (केंद्र सरकार) द्वारा इस संबंध में पत्र जारी करके सूचना दी गयी है. 24 अप्रैल को पंचायती राज दिवस के मौके पर इन सभी पंचायतों को सम्मानित किया जायेगा.

लगातार चौथी बार कपिला ने मारी बाजी

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जनवरी 2021 में स्टेट लेवल वेरिफिकेशन टीम ने राज्य की अलग अलग पंचायतों का दौरा किया था. नेशनल अवार्ड की रेस में शामिल सभी पंचायतों का फिजिकल वेरिफिकेशन ऑन स्पॉट जाकर किया था. इसके बाद सेंट्रल टीम (भारत सरकार) ने अंतिम मोहर लगा दी. दिलचस्प यह है कि गिरिडीह के बिरनी ब्लॉक की पंचायत कपिलो को लगातार चौथी बार राष्ट्रीय अवार्ड से सम्मानित किया जायेगा.

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कपिलो की मुखिया इन्दू देवी को एक बार आदर्श पंचाय़त बनाने में उनके प्रयासों के लिये सम्मानित किया जायेगा. इसी तरह बोकारो के बुंडू पंचायत ने बाल हित के मुद्दों पर अपने उल्लेखनीय काम के लिये एक बार राष्ट्रीय पुरस्कार पर दावा ठोका है. यह लगातार तीसरी बार होगा जब इस पंचायत को बाल मैत्री राष्ट्रीय पुरस्कार दिया जायेगा.

गाँव आगे बढ़ेगा तो देश आगे बढ़ेगाःइन्दु देवी

इंदू देवी ने नेशनल अवार्ड के लिये चुने जाने पर अपने ग्रामीणों का शुक्रिया अदा किया है. कहा कि सूबे में कपिलो पंचायत को नंबर वन बनाने में सभी ग्राणीणों ने सहयोग दिया है. पंचायत में विगत पांच सालों में गांव की तस्वीर बदली है. पाँच साल पहले गांवों में खुले में शौच का अंबार रहता था. अब स्वच्छ भारत अभियान के जरिये सूरत बदली है. पंचायत के लगभग 800 परिवारों के पास सरकारी शौचालय है. अभी भी इसपर और काम जारी है.

पांच साल पहले लकड़ी,पत्ता, कोयला चुनने वालों के जीवन में उज्जवला योजना ने बड़ी भूमिका निभायी. लगभग 1000 परिवारों को इस योजना से आच्छादित करने में सफलता मिली है. इसी तरह सरकार की अन्य योजनाओं का लाभ उठाने में सभी मिलकर आगे बढ़े. पंचायत सचिवालय से ही ग्रामीणों का सभी कार्य हो जाया करे, इस दिशा में लगातार पहल हुई.

बुंडू मुखिया अजय सिंह के अनुसार सभी ग्रामीणों ने बाल हित के मसले पर लगातार संवेदनशीलता दिखलायी है. मिलने वाले अवार्ड के लिये बुंडू और बुंडू की जनता को बहुत बहुत बधाई. लगातार तीसरी बार राष्ट्रीय पुरस्कार मिलने से हमारा उत्साह बढ़ा है. भविष्य में हमारी पंचायत और बेहतर करने का प्रयास करेगी.

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