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अच्छी खबर : रिम्स में ओपेन हार्ट के बाद अब क्लोज हार्ट सर्जरी की भी सुविधा जल्‍द

कैथेटर बेस्ड टेकनिक से होगा मरीजों के हार्ट का इलाज

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Ranchi : रिम्स में ओपेन हार्ट सर्जरी के साथ-साथ अब क्लोज हार्ट सर्जरी भी किया जा सकेगा. बच्चों एवं बडों में हार्ट के प्रोब्लम का क्‍लोज हार्ट सर्जरी से इलाज किया जा सकेगा. सिटीवीएस हेड डॉ अंशुल कुमार ने बताया कि क्लोज हॉर्ट सर्जरी में कैथेटर बेस्ड टेकनिक से एएसडी (दिल में छेद) एवं पीडीए बीमारी का ईलाज किया जा सकेगा. कैथेटर बेस्ड टेकनिक में हार्ट को बगैर खोले तार के माध्यम से दिल का एएसडी इलाज किया जाता है. डॉ कुमार ने बताया कि कार्डियक सर्जन एवं कार्डियोलॉजी दोनों डॉक्टर मिलकर इस पद्धति से इलाज कर सकेंगे. यह इलाज रिम्स के मरीजों के लिए काफी कारगर साबित हो सकता है. डॉ कुमार ने बताया कि निदेशक से सारी बातें हो चुकी है. दुर्गा पूजा बाद इस दिशा में कार्य को आगे बढ़ाया जायेगा.

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डॉ अंशुल कुमार

 

आयुष्मान भारत के तहत मरीजों का होगा नि:शुल्क इलाज

डॉ अंशुल कुमार ने बताया कि यह पद्धति काफी महंगा होता है. लगभग एक से डेढ लाख रुपए खर्च हो जाते हैं. प्रधानमंत्री द्वारा आरंभ किए गए आयुष्मान भारत जन आरोग्या योजना के तहत मरीजों को यह नि:शुल्क किया जा सकेगा. इसके लिए जो भी आवश्यक इक्विपमेंट है इसके बारे में निदेशक डॉ आरके श्रीवास्तव को लिखकर दे दिया गया है. डॉ कुमार ने बताया कि कुछ दिन पहले एक 10 साल के बच्चे का सफल इलाज इसी पद्धति से  किया गया था.

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मॉड्यूलर ओटी बनकर तैयार

राज्य के सबसे बड़े अस्पताल रिम्स के सुपर स्पेशियलिटी विभाग के कार्डियोथोरेसिक एंड वैस्कूलर सर्जरी विभाग में अत्याधुनिक मॉड्यूलर ओटी बनकर तैयार है. इस विभाग में मरीजों को ओपन हार्ट सर्जरी के साथ-साथ अब क्लोज हार्ट सर्जरी की सुविधा भी मिलेगी. अत्याधुनिक मॉड्यूलर ओटी में इंटीग्रेटेड ऑपरेशन थिएटर, कार्डियक सर्जरी कम मॉड्यूलर ओटी, स्टरलाइजेसन रूम, प्लाज्मा स्टरलाइजर, वॉशर डिशइंफेक्टर, दो अत्यधुनिक ऑपरेशन थिएटर के अलावा 4 बेड का स्टेप डाउन आईसीयू भी बनाया गया है. वहीं विभाग में लगे मास्टर कंट्रोलर के माध्यम ये ऑपरेशन को लाइव विश्व के किसी भी कोने में देखा जा सकता है. झारखंड स्थापना दिवस के मौके पर 15 नवंबर को इसके शुभारंभ होने की संभावना है.

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