Corona_UpdatesHEALTHLead NewsNational

Good News : बच्चों के लिए भी आयी कोरोना वैक्सीन, Pfizer-BioNTech ने की घोषणा

वैक्सीन के क्लीनिकल ट्रायल का तीसरा चरण पूरा

New Delhi : खुशखबरी है कि अब बच्चों के लिए भी Corona Vaccine तैयार हो गई है और इसका टीका जल्द लगाया जाएगा. फाइजर और बायोएनटेक कंपनी ने 12 से 15 साल के बच्चों पर अपनी वैक्सीन का ट्रायल किया है.

बच्चों पर वैक्सीन के क्लीनिकल ट्रायल का तीसरा चरण पूरा हो चुका है. इसमें वैक्सीन ने बच्चों पर कोरोना के खिलाफ 100 फीसदी एफिकेसी यानी क्षमता दिखाई है. कंपनी ने 31 मार्च 2021 को इसकी घोषणा की है.

advt

Pfizer-BioNTech की योजना है कि वो बहुत जल्द अमेरिका के फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) और यूरोपियन मेडिसिन एजेंसी (EMA) के सामने इस क्लीनिकल ट्रायल का डेटा रखेंगे, ताकि उनकी वैक्सीन के आपातकालीन उपयोग की अनुमति मिल सके.

फाइजर के चेयरमैन और सीईओ अलबर्ट बोरुला ने कहा कि हमें उम्मीद है कि अगले स्कूली सेशन से पहले हम 12 से 15 साल के बच्चों को ये वैक्सीन दे पाएंगे.

इसे भी पढ़ें :अभी-अभी:  दिग्गज अभिनेता रजनीकांत दादा साहेब फाल्के पुरस्कार से सम्मानित होंगे

वैक्सीन का नाम है BNT162b2

फाइजर की वैक्सीन का नाम है BNT162b2. हालांकि इस ट्रायल का अभी पीयर रिव्यू नहीं हुआ है लेकिन कंपनी का दावा है कि उनकी इस वैक्सीन से बच्चों का एक बड़ा समहू कोरोना से सुरक्षित हो जाएगा.

अमेरिका में हुए फेज-3 क्लीनिकल ट्रायल में 2260 बच्चों ने भाग लिया था. इनकी उम्र 12 से 15 के बीच थी. इनमें से आधे बच्चों को वैक्सीन दी गई और आधों को प्लेसीबो (Placebo) यानी प्रायोगिक औषधि.

12 से 15 साल के बच्चे कोरोना से बचेंगे

जिन लोगों को प्लेसीबो दिया गया था उनमें से 18 बच्चों को कोरोना वायरस का संक्रमण हुआ लेकिन जिन लोगों को वैक्सीन दिया गया था, उनमें से किसी को भी कोरोना संक्रमण नहीं हुआ.

फाइजर का दावा है कि BNT162b2 वैक्सीन की दो डोज लगने के एक महीने बाद शरीर में इतने ज्यादा न्यूट्रीलाइजिंग एंटीबॉडी बन जाते हैं कि उससे 12 से 15 साल के बच्चे कोरोना से बचे रहेंगे.

इसे भी पढ़ें :राहत: बचत योजनाओं की ब्याज दर में कटौती का फैसला वापस, वित्त मंत्री ने ट्वीट कर दी जानकारी

वैक्सीन से बच्चे पुराने और नए वैरिएंट्स से भी बचे रहेंगे

इससे पहले की गई स्टडी में 16 से 25 साल तक युवाओं में ऐसा देखने को नहीं मिला था. इस आयु समूह के युवाओं में कुछ साइड इफेक्ट्स भी देखने को मिले थे. जबकि 12 से 15 साल के बच्चों में कोई साइड इफेक्ट भी सामने नहीं आया है.

फाइजर कंपनी का दावा है कि इन सभी बच्चों पर अगले दो सालों तक नजर रखी जाएगी ताकि लंबे समय तक वैक्सीन के प्रभाव का अध्ययन किया जा सके.

बायोएनटेक के सीईओ उगुर सहिन ने कहा कि पूरे विश्व में लोग सामान्य जीवन का इंतजार कर रहे हैं. बच्चों के लिए तो इसकी ज्यादा जरूरत है. 16 से 25 साल के युवाओं की तुलना में 12 से 15 साल के बच्चों में BNT162b2 वैक्सीन का प्रभाव ज्यादा सटीक है. इस वैक्सीन से बच्चे पुराने और नए वैरिएंट्स से भी बचे रहेंगे. चाहे वह यूरोप का वैरिएंट हो या किसी अन्य देश का.

इसे भी पढ़ें :CORONA UPDATES: पिछले 24 घंटे में कोरोना संक्रमण का आंकड़ा 72,330 पहुंचा

Advertisement

Related Articles

Back to top button
%d bloggers like this: