HEALTHJamshedpurJharkhandSaraikela

Good News : सरायकेला में बनेगा 250 बेड का मल्टी स्पेशलिटी अस्‍पताल, ये रही पूरी जानकारी

कुपोषित बच्चों के लिए राजनगर प्रखंड के मांगूडीह सीएचसी में बनेगा 20 बेड का स्पेशल कैंप अस्‍पताल

Abhishek Piyush
Jamshedpur : कोल्हान प्रमंडल के सरायकेला-खरसावां जिले को जल्द ही 250 बेड के अस्‍पताल की सौगात मिलने वाली है. इसे मल्टी स्पेशलिटी अस्‍पताल जैसी सुविधाओं से लैस किया जायेगा. इसे लेकर झारखंड राज्य स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग के अभियान निर्देशक ने अपनी मंजूरी प्रदान कर दी है. इतना ही नहीं, सरायकेला-खरसावां जिला प्रशासन की ओर से अस्‍पताल निर्माण को लेकर सभी स्थानों पर जमीन चिन्हित कर विभाग को सूचना दे दी गयी है. वहीं झारखंड राज्य भवन निर्माण निगम लिमिटेड की ओर से अस्‍पताल का डीपीआर तैयार कर विभाग को सौंप दिया गया है. इसके तहत सरायकेला में 100 बेड का नया सदर अस्पताल, चांडिल में 50 बेड का अनुमंडल अस्पताल, राजनगर स्थित सोसोडीह सीएचसी में 50 बेड एवं ईचागढ़ व चांडिल के बीच 30 बेड सहित राजनगर प्रखंड के मांगूडीह में 20 बेड का स्पेशल कैंप अस्‍पताल संचालित होगा.
अत्याधुनिक मशीनों से लैस होंगे अस्‍पताल
सरायकेला में पूर्व से सदर अस्पताल संचालित है, लेकिन देखरेख के अभाव में अस्पताल की स्थिति दयनीय हो गयी है. अस्पताल के ओपीडी, इमरजेंसी सहित सभी वार्डों का संचालन भी अजीबोगरीब तरीके से होता है. जिसे देखते हुए स्वास्थ्य विभाग द्वारा सरायकेला में 100 बेड का जिला अस्‍पताल बनाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गयी है. ऐसे में अब अस्‍पताल बनने के बाद इमरजेंसी, ओपीडी समेत विभिन्न विभागों का संचालन मल्टी स्पेशलिटी अस्‍पताल की तर्ज पर किया जायेगा. इसमें अत्याधुनिक मल्टी पारा मीटर, इसीजी, एसपीओटू, पल्स आक्सीमीटर, कॉर्डियक मानीटर, कॉर्डियक बेड, डीसी शॉक, इंफ्यूजन पंप, एबीजे एनलाइजर, ट्रांसपोर्ट वेंटिलेटर, इलेक्‍ट्रालेट एनालाइजर, सेक्शन मशीन, सेंट्रल मॉनीटरिंग सिस्टम के साथ ही सेंट्रलाइजप पाइपलाइन से आक्सीजन की सप्लाई आदि की सुव‍िधा सुन‍िश्चित की जायेगी.
मनीपाल टीएमएच की तर्ज पर करेगा गम्हरिया सीएचसी का संचालन
सरायकेला के गम्हरिया स्थित 20 बेडड सीएचसी का संचालन अमालगम स्टील प्राइवेट लिमिटेड कंपनी अपने सीएसआर एक्टिविटी के तहत करने जा रहा है. इसके बाद प्राइवेट अस्‍पताल की तर्ज पर सीएचसी का संचालन होगा. इसे लेकर कंपनी ने जिला प्रशासन के साथ एमओयू करार किया है. अस्‍पताल खुलने के बाद यहां सर्जरी, रेफरल, इमरजेंसी व आईसीयू आदि का संचालन किया जायेगा. एमओयू के अनुसार जबतक कंपनी का संचालन होगा वे अपने सीएसआर एक्टिविटी के तहत हॉस्पिटल को पूरी तरह संभालेंगे.
35 लाख से जिले में बनेगा 6 बेड का मॉड्यूलर आईसीयू
सरायकेला जिला में वर्तमान में आईसीयू की सुविधा नहीं है. इस कारण आपातकाल की स्थिति में मरीज को जमशेदपुर रेफर करना पड़ता है. ऐसे में कई बार गंभीर मरीज की मौत तक हो जाती है. इसे लेकर गैस आथरिटी आफ इंडिया लिमिटेड की ओर से अपने सीएसआर एक्टिविटी के तहत सराकेला में 6 बेड का आईसीयू सेटअप किया जायेगा. इसके तहत मॉड्यूलर आईसीयू का निर्माण कंपनी के द्वारा कराया जायेगा. इसे लेकर कुल 35 लाख रुपये कंपनी की ओर से उपलब्ध कराया गया है.
मांगूडीह में बनेगा 20 बेड का स्पेशल कैंप अस्‍पताल
सरायकेला-खरसवां जिले का राजनगर, कुचाई व खरसवां क्षेत्र कुपोषण के लिहाज से अति संवेदनशील माना जाता है. वर्तमान में यहां कुल 431 अति कुपोषित बच्चों की संख्या है. वहीं कुपोषण को मिटाने के लिए जिले के सरायकेला स्थित सदर अस्पताल परिसर, गम्हरिया, राजनगर व ईचागढ़ में 10-10 बेड के हिसाब से कुल 40 बेड का कुपोषण उपचार केंद्र संचालित है. इस कारण कुपोषण को जिले से जड़ से उखाड़ फेंकने के उद्देश्य से मांगूडीह स्थित पीएचसी भवन के खाली पड़े पहले तल्ले को 20 बेड के स्पेशल कैंप अस्‍पताल में तब्दील किया जा रहा है. यहां कुपोषित बच्चों के समुचित उपचार के साथ-साथ उनकी माताओं के रहने व खाने-पीने आदि की व्यवस्था प्रशासन द्वारा की जाएगी. इसके अलावा कुपोषित बच्चों की माताओं को प्रतिदिन के हिसाब से 135 रुपये प्रोत्साहन राशि भी जिला प्रशासन द्वारा प्रदान की जायेगी. साथ ही उन्हें गांव जैसा परिवेश प्रदान किया जायेगा. स्पेशल कैंप अस्‍पताल खोलने का मुख्य उद्देश्य आगामी 6 माह के अंदर जिले से कुपोषण को जड़ से उखाड़ फेंकना है.
क्या कहते हैं अधिकारी
हेल्थ के सेक्टर में जिले का सर्वांगीण विकास होने जा रहा है. इसके बाद स्वास्थ्य के क्षेत्र में जिला को मल्टी स्पेशलिटी सुविधा प्रदान की जायेगी. इसे लेकर राज्य सरकार एवं सीएसआर के तहत कुछ कंपनियों ने भी अपनी स्वीकृति प्रदान कर दी है.


-अरवा राजकमल, उपायुक्त, सरायकेला-खरसावां.
जिले में स्वास्थ्य व्यवस्था को सुदृढ़ करने को लेकर विभागीय पत्राचार किया गया था. जिसके बाद विभाग से स्वीकृति प्रदान कर दी गयी है. वहीं जिले की ओर से जगह चिन्हित कर विभाग को सूचना दे दी गयी है. जल्द ही अस्पताल बनने का कार्य प्रारंभ होगा.


-डॉ विजय कुमार, सिविल सर्जन, सरायकेला-खरसवां.
कुपोषण एक बड़ी समस्या है. इससे निजात पाने के लिए जिले में स्पेशल कैंप हॉस्पिटल खुलने जा रहा है. इसे लेकर उपायुक्त ने निर्देशित किया है. ताकि आगामी 6 माह के अंदर कुपोषण को जिला से खत्म किया जा सके. कैंप हॉस्पिटल में बच्चों की माताओं को भी ग्रामीम परिवेश दिया जायेगा.

ram janam hospital
Catalyst IAS


-डॉ जगन्नाथ हेम्ब्रम, एसओआईसी, राजमगर.

The Royal’s
Sanjeevani
Pushpanjali
Pitambara

ये भी पढ़ें-Jamshedpur : टाटानगर स्टेशन पर कारोबारी से भिड़ना महंगा पड़ा आरपीएफ अधिकारी को, कोलकाता बुलाकर आरपीएफ के आइजी ने ली क्लास

Related Articles

Back to top button