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गोमियाः सियार काटने से एक के बाद एक तीन ग्रामीणों की मौत

पीसीसीएफ ने दिया जांच और मुआवजे का भरोसा

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Gomia: गोमिया प्रखंड के सुदूर इलाके में लुग्गु पहाड़ और झुमरा पहाड़ के बीच जंगल में बसे गांवों में आज-कल सियार के आतंक से ग्रामीण दहशत में हैं. सिवाय मौत के इन्हें कोई गले नहीं लगा रहा है. बात उस वक्त की हो रही है, जब गोमिया विधानसभा क्षेत्र में पैसों की बारिश हो रही थी,  मसलन चुनाव होने वाला था. उस वक्त भी किसी नेता ने इनकी मदद करने की नहीं सोची. जब नेताओं ने चुनाव के वक्त इनकी मदद करना जरूरी नहीं समझी, तो भला अधिकारी और सरकारी कर्मचारियों का इनसे नाता ही क्या है. जिन तीन ग्रामीणों की मौत हुई है, वो गोमिया प्रखंड के बड़की सीधा वारा पंचायत के अंबा टांड और मुर्पा टोला के रहने वाले हैं. ये इलाका इतना सुदूरवर्ती है कि इस खबर को वहां से निकल कर रांची आने में दो महीने लग गये. वो भी तब, जब चुनाव के बाद वोटरों को धन्यवाद देने के लिए पूर्व मंत्री माधव लाल सिंह गांव पहुंचे.

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एक पुरुष और दो महिला की मौत

एक के बाद एक 12 दिनों के अंदर तीन मौत हो जाती है और किसी को कानों-कान खबर नहीं मिलती. दरअसल मुर्पा टोला और अंबा टांड जंगल के बीच बसा एक छोटा सा गांव है. आये दिन जंगली जानवर गांव में घुस जाते हैं. सियार जैसे छोटे जानवरों को वहां आना-जाना कोई हैरानी की बात नहीं है. गांव वालों का कहना है कि 24 अप्रैल को एक पागल सियार गांव में घुस आया. उसी दिन उसने तीन लोगों को अपना शिकार बनाया. ग्रामीण ने हमेशा की तरह झाड़-फूंक को ही इसका ईलाज समझा. तीनों ने अपने-अपने तरीके से झाड़-फूंक कराए. लेकिन तीन दिनों के बाद पहली मौत 27 अप्रैल को हुई. मरने वालों में सबसे महिला महिला सलाको देवी थी. उसके बाद बीगन महतो की जान दो मई को गयी. वहीं आठ मई को आखिरी बचे लालजी मांझी की भी मौत हो गयी.

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माधव लाल सिंह ने की पीसीसीएफ से बात

चुनाव के बाद ग्रामीण इलाकों का भ्रमण कर आभार व्यक्त करने जब पूर्व मंत्री माधव लाल सिंह उस गांव पहुंचे तो गांव वालों ने इस घटना की जानकारी उन्हें दी. उन्होंने मौके से ही पीसीसीएफ डॉ. संजय कुमार को फोन किया और सारी बात की जानकारी दी. माधव लाल सिंह ने बताया कि डॉ. संजय कुमार ने सक्षम अधिकारी से मामले की जांच का आश्वासन दिया. वहीं मृतक के परिवार को मुआवजे के तौर पर आर्थिक मदद की और कुछ अनाज भी उपलब्ध कराया. साथ ही श्री सिंह ने मृतक के परिवार वालों को आश्वासन दिया कि सरकार की तरफ से जो भी मुआवजा होगा उन्हें मिलेगा.

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