BokaroJharkhand

चुनाव से पहले ही भंग हो जायेगा गोमिया नगर परिषद, सीएम के पास फाइल

Akshay Kumar Jha

Ranchi : ऐसा झारखंड में पहली बार होने जा रहा है कि किसी नगर परिषद को उसके चुनाव होने से पहले ही भंग कर दिया जा रहा हो. 30 अगस्त 2019 को कैबिनेट की बैठक में गोमिया की आठ पंचायतों को मिला कर नगर परिषद बनाने पर मुहर लगी थी. मुहर लगने के बाद नगर विकास विभाग की तरफ से गोमिया नगर परिषद को 21 वार्डों में बांटा गया था. लेकिन साथ ही साथ इसका विरोध भी शुरू हो गया था.

पूर्व विधायक योगेंद्र महतो गोमिया के नगर परिषद होने का विरोध करते आए हैं. 2019 के विधानसभा चुनाव में उनकी पत्नी बबीता देवी चुनाव हार गयीं. इसके बाद उन्होंने गोमिया नगर परिषद को भंग करने का अभियान चलाया. इस बाबत वो आला अधिकारी से लेकर मुख्यमंत्री से भी मिले. आठों पंचायतों के मुखिया को एकजुट किया और सभी मुखिया ने नगर परिषद बनाने का लिखित रूप से विरोध किया.

इसे भी पढ़ें – ब्यूरोक्रेट्स के रिटायर होते ही मुकेश अंबानी की रिलायंस में ज्वाईन करने के क्या हैं मायने !

विधायक बनने के बाद लंबोदर महतो भी गोमिया नगर परिषद का विरोध कर रहे थे. विरोध के बाद नगर विकास विभाग की तरफ से बोकारो डीसी से जवाब मांगा गया. बोकारो प्रशासन की तरफ से नगर परिषद भंग करने का प्रस्ताव विभाग को दिया गया. विभाग ने फाइल मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को बढ़ा दी है. सीएम हेमंत सोरेन किसी भी दिन इस प्रस्ताव पर मुहर लगा सकते हैं. इसके बाद इसे कैबिनेट की बैठक में लाया जायेगा. कैबिनेट की बैठक में प्रस्ताव पास होने पर गोमिया नगर परिषद को विघटित (खत्म) करने की प्रक्रिया पूरी हो जायेगी.

गोमिया नगर परिषद को विघटित करने की प्रारंभिक मंजूरी मिली हैः सचिव

इस मामले पर न्यूज विंग ने नगर विकास विभाग के सचिव विनय चौबे से बात की. उन्होंने बताया कि गोमिया नगर परिषद को विघटित की प्रक्रिया शुरू करने के लिए प्रारंभिक मंजूरी मिली है. इस पर काम किया जा रहा है.

इसे भी पढ़ें – बोकारो: ACB ने चास थाना के ASI को 3 हजार घूस लेते किया गिरफ्तार

एक डीसी ने नगर परिषद बनाने का प्रस्ताव दिया, दूसरे ने खारिज किया

गोमिया नगर परिषद बनाने के लिए रघुवर सरकार में प्रक्रिया पूरी की गयी थी. प्रखंड स्तर से लेकर अनुमंडल स्तर की मंजूरी के बाद गोमिया नगर परिषद बनने का प्रस्ताव जिला में पहुंचा था. उस वक्त बताया गया था कि गोमिया नगर परिषद बनने की सभी शर्तों को पूरा करता है. जिसके बाद डीसी स्तर से प्रस्ताव नगर विकास विभाग को भेजा गया. लेकिन सरकार बदलने के बाद फिर से नगर विकास विभाग ने बोकारो जिला प्रशासन से रिपोर्ट मांगी. रिपोर्ट में दूसरी बार जिला स्तर से गोमिया नगर परिषद को भंग करने का बात प्रशासन की तरफ से विभाग को कही गयी. जिसके बाद नगर विकास विभाग नगर परिषद को विघटित करने की प्रक्रिया कर रहा है.

चुनाव की हो रही थी तैयारी, राजनीति थी चरम पर

गोमिया नगर परिषद बनने के बाद से वहां की राजनीति चरम पर थी. आठों पंचायत के मुखिया के अलावा कई दिग्गज नगर परिषद में अध्यक्ष और उपाध्यक्ष का चुनाव लड़ने के लिए ताल ठोंक रहे थे. वार्ड स्तर पर भी तैयारी शुरू हो चुकी थी. हर चौक चौराहे पर चुनावी गॉशिप सुनने को मिल रहा था. लेकिन अब सारा शोर थम जायेगा. कहा जा रहा है कि अगली कैबिनेट में इसे भंग करने की फाइल पर मुहर लग सकती है.

इसे भी पढ़ें – अब घर बैठे ऑनलाइन खरीद सकते हैं स्टांप, 5 सितंबर से लागू होगी नयी व्यवस्था

Advertisement

Related Articles

Back to top button
%d bloggers like this: