BokaroJharkhand

#Gomia: जिस पंचायत सचिव पर करनी थी कार्रवाई, उसे बनाया प्रखंड पंचायती राज पदाधिकारी

Gomia: बोकारो जिला के गोमिया प्रखंड में ऐसा मामला सामने आया है, जिससे बातें हो रही हैं कि क्या प्रशासन सिर्फ जनप्रतिनिधियों के खिलाफ कार्रवाई कर सकता है.

मामला गोमिया के होसिर पश्चिमी पंचायत का है. विभिन्न योजनाओं में अनियमितता के आरोपी होसिर पंचायत के पंचायत सचिव मदन रजक पर कार्रवाई करनी थी. लेकिन उसे एक तरह का प्रमोशन देकर प्रखंड पंचायती राज पदाधिकारी बना दिया गया है.

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पीएम आवास योजना का मामला

इसे लेकर गोमिया प्रखंड की उपप्रमुख मीना देवी ने उपायुक्त को पत्र लिख कर जानकारी दी है. मामला प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत गलत लाभुक को आवास देने का था.

जांच में पाया गया कि पश्चिमी होसिर में मुखिया रामवृक्ष रविदास ने गलत लाभुक को आवास दे दिया. किसी भी लाभुक को आवास देने का काम भले ही पंचायत का मुखिया करता है. लेकिन लाभुक के चयन के अलावा तमाम तरह की कागजी कार्यवाही पंचायत सचिव की तरफ से की जाती है.

इसलिए अगर किसी गलत लाभुक को प्रधानमंत्री आवास आवंटित होता है, तो उसमें मुखिया के साथ-साथ सचिव की मुखिया से ज्यादा भागीदारी मानी जाती है.

पश्चिमी होसिर में ऐसा ही हुआ. मुखिया के द्वारा अनुशंसा करने के बाद पंचायत सचिव ने लाभुक की पहचान कर कागजात तैयार किया. सारे कागजात बीडीओ को सौंपे. जिसके बाद लाभुक को आवास के लिए किस्त मिलनी शुरू हुई.

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मुखिया पर की गयी कार्रवाई पर पंचायत सचिव को छोड़ा

डीसी को लिखे अपने पत्र में उपप्रमुख मीना देवी ने लिखा है कि प्रधानमंत्री आवास योजना में गलत आवास के चयन में पंचायत के मुखिया पर तो कार्रवाई की गयी, लेकिन पंचायत सचिव को छोड़ दिया गया.

कहा जा रहा है कि पंचायत सचिव मदन रजक गोमिया बीडीओ कार्यालय के काफी दुलारे हैं. क्योंकि बिना टेंडर किये बड़की पुन्नु पंचायत में 4.5 लाख से 4.98 लाख रुपये तक का काम भी इसी पंचायत सचिव ने अपनी देखरेख में कराया.

इसके बाद भी उनपर किसी तरह की कोई कार्रवाई नहीं हुई. उपप्रमुख मीना देवी ने अपनी चिट्ठी में कहा है कि इस तरह के गंभीर आरोप लगने के बाद भी पंचायत सचिव पर कार्रवाई न किया जाना पंचायती राज अधिनियम का उल्लंघन है. उन्होंने इस पर तत्काल कार्रवाई की मांग की है.

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