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NEWS WING IMPACT: गोड्डा अनाज घोटालाः मंत्री और सचिव जिले की रिपोर्ट से असहमत, कहा- फिर से एक-एक की जांच करें

कभी भी गोड्डा पहुंच सकते हैं मंत्री, जांच-परख लें तभी मानें सीएम जनसंवाद का आदेश

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Ranchi: न्यूज विंग की खबर “हर महीने एक लाख किलो से ज्यादा अनाज घोटाले की आशंका, मंत्री ने दिये जांच के आदेश” के बाद विभाग के मंत्री सरयू राय ने इसे काफी गंभीरता से लिया है. हर महीने होनेवाली विभाग की मासिक बैठक में मंत्री सरयू राय ने गोड्डा के डीएसओ विवेक सुमन से मामले पर रिपोर्ट मांगी. इससे पहले विभाग के सचिव अमिताभ कौशल ने खबर छपने के बाद गोड्डा जिला की डीसी किरण कुमारी पासी से जांच करने का निर्देश दिया था. रिपोर्ट सौंपते हुए डीएसओ विवेक सुमन ने कहा कि बीडीओ ने वहां के मुखिया और दूसरे सामाजिक लोगों के साथ मिल कर जांच की है. कहा कि पहाड़िया जाति की परंपरा रही है कि एक नाम परिवार के दूसरे लोग भी रख लेते हैं. इस पर सवाल उठाते हुए मंत्री सरयू ने कहा कि परंपरा की बात सच भी मान ली जाए, तो यह कैसे संभव है कि छोटे से गांव में एक ही नाम के 200 से ज्यादा आदिम जनजाति के लोग हो सकते हैं. मंत्री ने डीएसओ से कहा कि मामले को गंभीरता से लें और एक-एक राशन कार्ड की जांच करें. मंत्री ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि अगर जांच अधिकारी उन्हें संतुष्ट नहीं करते हैं, तो कभी भी वो गोड्डा में जाकर औचक निरीक्षण कर सकते हैं. बताते चलें कि गोड्डा जिले के सुंदर पहाड़ी प्रखंड में राशन कार्ड पर फर्जी तरीके से अनाज लेने की आशंका जतायी जा रही है. aahar.jharkhand.gov.in की ऑनलाइन रिपोर्ट में एक ही नाम से 200 राशन से ज्यादा कार्डधारी के नाम सामने आए हैं. ऐसे कई नाम हैं जो 50-100 की संख्या में हैं.

जांच-परख लें तभी मानें सीएम जनसंवाद का आदेश

मीडिया से मुखातिब मंत्री सरयू राय ने कहा कि ऐसा देखा जा रहा है कि नीचे स्तर के अधिकारी चतुराई से राशन कार्ड ना बनने की सूरत में सीएम जनसंवाद में शिकायत दर्ज करा देते हैं. सीएम जनसंवाद में शिकायत होने के बाद राशन कार्ड बनाने का दबाव बनाते देखा जाता रहा है. श्री राय ने कहा कि ऐसा कतई नहीं होना चाहिए चाहे कहीं से भी आदेश या निर्देश आया हो. पहले विभागीय स्तर पर देख लिया जाए कि मामला सही है या नहीं. विभाग के अधिकारी अगर मामले को सही समझते हैं, तभी जनसंवाद की शिकायत का अनुपालन करें. आदेश किसी का भी हो, नियमों की अनदेखी नहीं होनी चाहिए.

जिला स्तर पर डीएसओ अपने काम में लायें पारदर्शिता

मंत्री सरयू राय ने आगे कहा कि विभाग के स्तर पर मुख्यालय में अब खाद्य आपूर्ति को लेकर काफी पारदर्शिता देखी जा रही है. लेकिन जिला स्तर पर डीएसओ और कनीय अधिकारी पारदर्शिता लाने में समर्थ नहीं है. जरूरत है कि जिला भी पारदर्शिता से काम करे. इस बार भी 13,095 ऐसे राशन कार्ड आए हैं, जो फर्जी हैं. इन सभी राशन कार्ड को डीलीट किया जाएगा. फर्जी राशन कार्ड बनाना अपने-आप में अपराध है. ऐसा करते पकड़े जाने पर निश्चित तौर पर कार्रवाई होगी. कहा कि जिला स्तर पर किसी भी शिकायत की जांच होनी चाहिए. अगर विभागीय मंत्री रहते हुए मेरे ऊपर भी आरोप लगता है, तो जांच हो. ऐसे ही किसी भी वरीय या कनीय अधिकारी पर आरोप लगे तो जांच निश्चित हो.

नाम बदनाम करने से पहले शिकायत करें

हाल के दिनो में ही झारखंड में आप पार्टी ने खाद्य मंत्री सरयू राय और विभाग को लेकर ट्वीट किया था. जिसमें खाद्य आपूर्ति विभाग में घोटाले की बात कही गयी थी. प्रेस कॉन्फेंस में मंत्री सरयू राय ने बिना किसी पार्टी का नाम लिए कहा कि 99 फीसदी शिकायत विभाग ने दूर कर ली है. फिर भी एक फीसदी गड़बड़ी पकड़े जाने पर पहले मामले की जांच कर लें. देखा गया है कि बिना जांच ही सोशल मीडिया के माध्यम से विभाग को बदनाम करने की कोशिश की जाती है. राज्य भर में 2.5 करोड़ राशन कार्डधारी हैं. ऐसे में अगर एक फीसदी भी गड़बड़ी होती है तो जाहिर तौर पर 2.5 लाख लोगों के साथ गड़बड़ी होती है. यह संख्या अपने-आप में काफी बड़ी है. इसलिए पहले शिकायत करें. शिकायत न दूर हो, तो आरटीआइ का सहारा लेते हुए आंकड़े लें.

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