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गोवाः एमजीपी का बीजेपी में विलय, तीन में से दो विधायक हुए शामिल

देर रात एमजीपी का विलय लेकिन विधायक सुदीन धवलीकर नहीं हुए शामिल

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Panji: गोवा में बीजेपी की सहयोगी महाराष्ट्रवादी गोमांतक पार्टी के तीन में से दो विधायकों ने बुधवार को एमजीपी विधायक दल का भाजपा में विलय कर दिया. इसके साथ ही भाजपा के 40 सदस्यीय राज्य विधानसभा में अब 14 विधायक हो गए हैं.

तीन में से दो विधायक शामिल

विधायक मनोहर अजगांवकर और दीपक पावस्कर ने गोवा विधानसभा के कार्यवाहक अध्यक्ष माइकल लोबो को मंगलवार देर रात पौने एक बजे पत्र दिया जिसमें एमजीपी विधायक दल के भाजपा में विलय की बात कही गई है.

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हालांकि एमजीपी के तीसरे विधायक सुदीन धवलीकर के इस पर हस्ताक्षर नहीं हैं.गोवा की भाजपा नीत राज्य सरकार में धवलीकर उप मुख्यमंत्री और अजगांवकर पर्यटन मंत्री हैं.

तीन में सें दो विधायकों ने विधायी शाखा का विलय किया है. इसका अर्थ यह हुआ कि वे दल बदल विरोधी कानूनी के दायरे में आने से बच गए हैं, क्योंकि इस कानून के तहत यह अनिवार्य है कि विलय के लिए दो तिहाई सदस्यों की सहमति हो.

धवलीकर नहीं हुए शामिल

विधायकों ने मंगलवार को एमजीपी से अलग होकर एमजीपी (दो) समूह बनाया था और अब उन्होंने विधायी इकाई का भाजपा में विलय कर दिया.

लोबो ने इस बात की पुष्टि की कि उन्हें विलय के संबंध में देर रात पौने एक बजे पत्र मिला. उन्होंने बताया कि इस पत्र पर धवलीकर के हस्ताक्षर नहीं हैं.

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विलय के साथ बीजेपी के हुए 14 विधायक

आधी रात को हुए इस राजनीतिक घटनाक्रम के बाद 40 सदस्यीय विधानसभा में भाजपा विधायकों की संख्या 12 से बढ़कर अब 14 हो गई है. एमजीपी 2012 से गोवा में भाजपा की गठबंधन सहयोगी रही है.

पावस्कर ने कहा कि एमजीपी से अलग होकर एक अन्य धड़ा बनाने का प्रस्ताव उन्होंने और अजगांवकर ने मंगलवार सुबह पांच बजे पारित किया.

उन्होंने पीटीआई से कहा, ‘प्रस्ताव पारित करने के बाद हमने पत्र लेकर मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत से संपर्क किया. जिन्होंने हमें इसे कार्यवाहक विधानसभा अध्यक्ष माइलक लोबो को देने का निर्देश दिया.’ पावस्कर ने बताया कि पत्र अंतत: मंगलवार देर रात पौने एक बजे लोबो को सौंपा गया.

विधायक ने कहा कि यह निर्णय ‘लोगों के हित में लिया गया है.’ पावस्कर ने कहा, ‘‘मेरे निर्वाचन क्षेत्र के लोग चाहते थे कि मैं भाजपा में शामिल हो जाऊं. हमने यह बात भी स्वीकार ली है कि हम राज्य में एमजीपी को आगे नहीं लेकर जा सकते.’’

उन्होंने दावा किया कि उन्हें सावंत के नेतृत्व वाली कैबिनेट में मंत्रिपद मिलेगा. मुख्यमंत्री कार्यालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि ऐसी संभावना है कि सावंत बुधवार को धवलीकर को कैबिनेट से हटा सकते हैं.

इससे कुछ ही घंटों पहले एमजीपी अध्यक्ष दीपक धवलीकर ने साजिश का हवाला देकर सावंत नीत सरकार से समर्थन वापस लेने की धमकी दी थी.

एमजीपी के अध्यक्ष दीपक धवलीकर ने पीटीआई से बातचीत में आरोप लगाया था कि उनकी पार्टी के एक पदाधिकारी से राज्यपाल और विधानसभा अध्यक्ष के नाम ‘एक पत्र जारी कराकर’ उसमें संगठन के समूचे विधायी मामलों पर उनका नियंत्रण घोषित कराया गया.

धवलीकर ने कहा था कि एमजीपी की केंद्रीय समिति बुधवार को बैठक कर भविष्य का अपना कदम तय करेगी. उन्होंने कहा था कि पार्टी के कदम से राज्य सरकार का भविष्य तय हो सकता है.

इस विलय पर कांग्रेस ने तीखी प्रतिक्रिया दी है.

कांग्रेस की गोवा इकाई के मुख्य प्रवक्ता सुनील कवथंकर ने कहा, ‘भाजपा ने यह साबित कर दिया है कि वह अपने सभी सहयोगियों के लिए खतरा है.’

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