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ग्लूकोमा से चली जाती है आंखों की रोशनी, समय रहते इलाज जरूरी: स्वास्थ्य मंत्री

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Ranchi: रातू रोड स्थित डीएन प्रसाद आई सेंटर में स्वास्थ्य मंत्री रामचंद्र चंद्रवंशी ने गुरुवार को पोस्ट ऑपरेटिव केयर यूनिट का उद्घाटन किया. साथ ही विश्‍व दृष्टि दिवस के अवसर पर गुरुवार को डीएन प्रसाद आई सेंटर में नि:शुल्क नेत्र जांच शिविर और ग्लूकोमा स्क्रीनिंग एवं मैनेजमेंट प्रोग्राम का भी शुभारंभ स्वास्थ्य किया गया. इस अवसर पर मंत्री ने कहा कि मोतियाबिंद का ऑपरेशन तो सभी करा लेते हैं. लेकिन, ग्लूकोमा एक ऐसी बीमारी है, जिससे आंखों की रोशनी पूरी तरह से चली जाती है या फिर से लौट कर दोबारा वापस नहीं आती. इसलिए ग्लूकोमा की जांच समय पर होना जरूरी है और इसका इलाज भी समय रहते किया जाना चाहिये. उन्होंने बीएन प्रसाद आई सेंटर के नेत्र और ग्लूकोमा रोग विशेषज्ञ डॉक्टर ओपी सिन्हा के इस कार्य की सराहना की कि वे राज्य के ग्लूकोमा के मरीजों को पहचान कर उनकी बीमारी को दूर करने का प्रयास जारी रखने को कहा.

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ग्लूकोमा एक शांत विकार है: डॉ सिन्हा

इस अवसर पर डॉ एपी सिन्हा ने बताया की ग्लूकोमा एक शांत नेत्र विकार है. जिसमें आंखों की रोशनी चली जाती है. यह एक ऐसी बीमारी है, जिसमें मरीज की जांच किये बगैर बीमारी का पता नहीं चलता और व्यक्ति की रोशनी धीरे-धीरे खत्म हो जाती है. ग्लूकोमा की बीमारी में यदि एक बार रोशनी चली जाये तो वह दोबारा लौटकर नहीं आ सकती. इसलिए 40 वर्ष और इससे अधिक के उम्र वाले मरीजों को या व्यक्तियों को बीच-बीच में ग्लूकोमा की जांच करा लेनी चाहिये. ताकि, यदि ग्लूकोमा होने के संकेत मिले उसका समय रहते रोकथाम किया जा सके और व्यक्ति जीवन पर्यंत अंधा होने से बच सके. कार्यक्रम में निःशुल्क नेत्र जांच शिविर एवं ग्लूकोमा स्क्रीनिंग एवं मैनेजमेंट प्रोग्राम का भी आयोजन किया गया. इसमें सैकड़ों लोगों ने अपनी आंखों की जांच करायी.

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