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रांची नगर निगम के कर्मियों को दें प्रोन्नति अन्यथा 11 नवंबर को हाईकोर्ट में सशरीर उपस्थित हों अधिकारी

Ranchi: रांची नगर निगम में फोर्थ ग्रेड में नियुक्त कर्मियों के थर्ड ग्रेड में प्रमोशन से संबंधित अवमानना याचिका की सुनवाई झारखंड हाईकोर्ट में हुई.  न्यायमूर्ति दीपक रोशन की कोर्ट ने मामले में रांची नगर निगम और डायरेक्टरेट ऑफ म्युनिसिपल एडमिनिस्ट्रेशन के एक दूसरे पर मामले को टालने को लेकर भी हाईकोर्ट ने कड़ी नाराजगी जताई.  कोर्ट ने कहा कि अगर अगली सुनवाई 11 नवंबर के पहले रांची नगर निगम और डायरेक्टरेट ऑफ म्युनिसिपल एडमिनिस्ट्रेशन चतुर्थ श्रेणी के कर्मियों के थर्ड ग्रेड में प्रमोशन पर निर्णय ले लेता है तो ठीक है अन्यथा डायरेक्टरेट ऑफ म्युनिसिपल एडमिनिस्ट्रेशन के चेयरमैन, रांची नगर निगम के नगर आयुक्त और नगर विकास विभाग के सचिव अगली सुनवाई में कोर्ट में उपस्थित रहेंगे. आपको बता दें कि रांची नगर निगम कर्मचारी संघ की ओर से हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर कहा गया था कि उनकी नियुक्ति फोर्थ ग्रेड हुई थी, लेकिन रांची नगर निगम उनसे थर्ड ग्रेड का काम ले रहा है. ऐसा करते हुए 10 वर्ष से अधिक का समय बीत गया है, लेकिन अब तक उन्हें थर्ड ग्रेड में प्रमोशन नहीं दिया गया है. कर्मियों का कहना था कि चूंकि रांची नगर निगम ने उन्हें थर्ड ग्रेड के एलिजिबल समझा है इसीलिए उनसे फोर्थ ग्रेड की बजाए थर्ड ग्रेड का काम लिया जा रहा है.
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2007 में नगर निगम की बोर्ड मीटिंग में लिया गया था निर्णय 

वर्ष 2007 में रांची नगर निगम ने निर्णय लिया था कि जो फोर्थ ग्रेड पर काम कर रहे हैं उन्हें थर्ड ग्रेड पर प्रमोशन या थर्ड ग्रेड के पद पर समायोजित किया जाएगा. रांची निगम बोर्ड की बैठक में इससे संबंधित रेजोल्यूशन भी पास किया था. लेकिन 15 साल बीत जाने के बाद भी उन्हें थर्ड ग्रेड में प्रोन्नति नहीं दी गई. दरअसल प्रार्थी की ओर से हाई कोर्ट में रिट दाखिल की गई थी. जिस पर हाईकोर्ट की एकल पीठ ने आदेश दिया था कि रांची नगर निगम की बोर्ड ने जब निर्णय लिया है कि ये कर्मी उच्च पद पर काम कर रहे हैं और वे थर्ड ग्रेड के पद के लिए एलिजिबल है इसलिए उन्हें प्रमोट कर देंगे , तो रांची नगर निगम की बोर्ड अपने इस निर्णय को लागू करें . लेकिन रांची नगर निगम की ओर से कोर्ट के इस आदेश का पालन नहीं किया गया. जिसके बाद प्राथी की ओर से हाईकोर्ट में अवमानना याचिका दाखिल की गई.

2014 के पूर्व का मामला,इसलिए हस्तक्षेप नहीं
इस मामले में सुनवाई के दौरान पूर्व में रांची नगर निगम की ओर से कहा गया कि वर्ष 2014 में नई नियमावली आई है जिसके तहत डायरेक्टरेट आफ म्युनिसिपल एडमिनिस्ट्रेशन इस पर निर्णय लेगा. बाद में डायरेक्टरेट ऑफ म्युनिसिपल एडमिनिस्ट्रेशन की ओर से कोर्ट को बताया गया कि वर्ष 2014 के पहले का यह मामला है ,इसलिए इस पर रांची नगर निगम खुद निर्णय लेने के लिए स्वतंत्र है. रांची नगर निगम इस मसले पर खुद अपने स्तर पर निर्णय ले सकता है, डायरेक्टरेट इसमें कोई हस्तक्षेप नहीं करेगा. जिसके बाद कोर्ट ने मामले की सुनवाई करते हुए कहा था कि जब डायरेक्टरेट कह चुकी है कि रांची नगर निगम इसपर खुद निर्णय ले सकती है तो रांची नगर निगम को इस पर खुद निर्णय लेकर इन कर्मियों को थर्ड ग्रेड पर प्रोन्नति देनी चाहिए.

नई नियमावली में थर्ड ग्रेड के पद सीधी भर्ती के लिए: नगर निगम
शुक्रवार को रांची नगर निगम की ओर से शपथ पत्र दाखिल कर कहा गया कि थर्ड ग्रेड का पद नई नियमावली के तहत फ्रेश नियुक्ति प्रक्रिया से भरा जाएगा. इसलिए इन कर्मियों की प्रोन्नति थर्ड ग्रेड पर नहीं हो सकती है . अगर इन कर्मियों की नियुक्ति थर्ड ग्रेड पर करनी है तो इस पर डायरेक्टरेट आफ म्युनिसिपल एडमिनिस्ट्रेशन से दिशा निर्देश लेना होगा. जिसके बाद कोर्ट ने कड़ी नाराजगी जताते हुए डायरेक्टरेट आफ म्युनिसिपल एडमिनिस्ट्रेशन के चेयरमैन, रांची नगर निगम के नगर आयुक्त, नगर विकास विभाग के सचिव को अगली सुनवाई 11 नवंबर के पहले तक कर्मियों के प्रोन्नति पर निर्णय लेने का निर्देश दिया अन्यथा अगली सुनवाई में इन तीनों अधिकारियों को कोर्ट में उपस्थित रहने का निर्देश दिया है. प्रार्थी की ओर से अधिवक्ता प्रेम पुजारी ने पैरवी की.

Sanjeevani

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