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झरिया : मां की चिता को बेटी ने दी मुखाग्नि

Jhariya : सब रस्‍में मैं निभाउंगी. प्‍याली चक्रवर्ती ने मां की अर्थी को कंधे दिया और शमशान घाट पर मुखग्नि दी. प्‍याली चक्रवर्ती ने ऐसे कर समाज को रुढ़ीवादी परंपरा को आइना दिखाने का काम किया. जिससे हर महिला का सर उंचा हो सके. उन्‍होंने कहा कि बेटा और बेटी में कोई अंतर नहीं होता है. ये सब समाज के बनाये हुए हैं. झरिया के जोड़ापोखर के ऑपरेटिव कॉलोनी में रहने वाली 70 वर्षीय मिनोति चक्रवर्ती का सोमवार की सुबह निधन हो गया था.

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प्याली ने कहा कि समाज के लोग कहते हैं बेटियां शमशान नहीं जा सकती हैं. लेकिन जिनके बेटे नहीं होते हैं वो क्या करेंगे.  गम तो है कि आज मेरी मां मेरे बीच नहीं रही. लेकिन आज मुझे गर्व है कि मैने अपनी मां को मुखाग्नि दे कर बेटे का फर्ज निभाया है. समाज से कहना चाहती हूं कि बेटा-बेटी में फर्क ना समझें और बेटियों को भी बेटे का फर्ज निभाने का मौका दें.

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