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बड़े हादसे के इंतजार में गिरिडीह का स्वास्थ्य विभाग: जांच के बाद भी अस्पताल में लगे हैं एक्सपायरी अग्निशामक यंत्र

सुरक्षा के नाम पर छह नर्सिंग होम के खिलाफ हाल में हुआ था केस दर्ज

Giridih: हाल ही में घरेलू सिलेंडर रखने के आरोप में समाजिक संस्था चैरिटेबल रोटरी नेत्र चिकित्सालय समेत छह नर्सिंग होम के खिलाफ केस दर्ज किया गया था. लेकिन गिरिडीह शहर के सदर अस्पताल में सुरक्षा के साथ होते खिलवाड़ पर प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने अपनी आंखें बंद कर ली है.  बता दें कि सदर अस्पताल में आग से बचाव के लिए सिविल सर्जन कार्यालय में 9 फायर इस्टूगेंसर लगे हैं. इन फायर इस्टूगेंसर में से अधिकांश एक्सपायारी पाये गये हैं वहीं कुछ में एक्सपायरी और उत्पादन की तिथि ही दर्ज नहीं हैं. सदर एसडीएम के निर्देश पर चार सदस्यी जांच टीम ने पूरे मामले का खुलाया किया था. जांच के लिए पहुंची टीम ने इसकी पूरी जानकारी अपने वरीय अधिकारियों के साथ स्वास्थ्य विभाग को भी दे दी थी. इसके बाद भी  विभाग गंभीर नहीं हुआ.

जांच में पाई गयी था बड़ी लापरवाही

चार दिन पहले सिविल सर्जन के ग्रांउड फ्लौर और कार्यालय का निरीक्षण कर आग से सुरक्षा के लिए के उपाय पर तैयारियों की समीक्षा की गयी थी. निरीक्षण के दौरान स्वास्थ विभाग पूरी तरह से फेल रहा. ग्रांउड फ्लौर और सिविल सर्जन कार्यालय में लगे अग्निशामक यंत्र एक्सपायारी पाए गये. बता दें कि ग्रांउड फ्लौर में ही ओपीडी संचालित है, जहां हर रोज तीन सौ से अधिक मरीज अपना इलाज कराने पहुंचते हैं. इसी ग्रांउड फ्लोर में ही चिकित्सकों के साथ स्वास्थ कर्मियों की भी ड्यूटी रहती है. अब ऐसे में विभाग  किसी बड़े हादसे का इंजतार कर रहा है, यह एक बड़ा सवाल है.

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