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Giridih: बंद फैक्ट्री से जब्त हुई बीयर की पेटियों का मालिक निकला वार्ड पार्षद प्रतिनिधि

  • फैक्ट्री मालिक के बेटे को भ्रमित कर तीनों गाड़ियों को घुसाया था भीतर, जांच के बाद पुलिस ने किया केस दर्ज
  • चारों चालक और पार्षद प्रतिनिधि समेत 10 के खिलाफ केस दर्ज, चारों चालकों को भेजा गया जेल

Giridih: औद्योगिक क्षेत्र की बंद पड़ी श्रीराम स्टील फैक्ट्री से गिरिडीह मुफ्फसिल थाना पुलिस ने 65 पेटी बीयर लदी तीन गाड़ियों को जब्त किया था, जबकि चार चालकों को गिरफ्तार भी किया था. दिलचस्प बात यह है कि पुलिस ने बीयर की जितनी पेटियों को जब्त किया है वे सारे ब्राजील के उत्पाद माने जा रहे हैं.

पुलिस भी इस बात को लेकर हैरान है कि आखिर विदेश का बीयर गिरिडीह शहर में कैसे खपाया जा रहा है. पुलिस छापेमारी के दौरान जब्त तीनों गाड़ियों में ट्रक के भीतर एक केबिन देख कर चौंक पड़ी. ट्रक के इस केबिन से बीयर की कुछ पेटियों को जब्त किया गया.

इधर दूसरे दिन मंगलवार को पुलिस ने केस दर्ज कर गोंविद रविदास, संतोष, मुकेश सिन्हा और विनोद पांडेय को जेल भेज दिया. पुलिस के अनुसार गिरफ्तार चारो चालकों ने कबूला है कि बीयर से लोड तीनों वाहन वार्ड पार्षद प्रतिनिधि शिवम आजाद के हैं.

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महीनों से जिले में कर रहा था अवैध करोबार

यही नहीं चारों ने यह भी कबूला है कि शिवम आजाद काफी महीनों से जिले में शराब का अवैध कारोबार करता आ रहा है. चारों ने पुलिस के सामने कबूला है कि शराब के इस अवैध कारोबार में शामिल पार्षद प्रतिनिधि शिवम आजाद अपने सिडिकेंट के सहयोग से शहरी क्षेत्र समेत पूरे जिले में शराब का अवैध कारोबार कर रहा है. लिहाजा, शिवम के सिडिकेंट के सदस्यों तक पहुंचने के प्रयास में अब पुलिस भी जुट गयी है.

वैसे पुलिस सूत्रों की मानें तो शिवम भी सिडिकेंट के एक सदस्य के रूप में ही अवैध शराब के कारोबार में शामिल है. इस पूरे सिडिकेंट के संचालन में डुमरी के एक नामचीन कारोबारी का नाम सामने आ रहा है. इधर पार्षद प्रतिनिधि शिवम आजाद फरार चल रहा है. इसकी पुष्टि एसडीपीओ कुमार गौरव ने भी की है.

इधर जेल भेजे गए चारों आरोपी तीनों गाड़ियों के चालक और उपचालक बताये जा रहे हैंअवैध शराब का कारोबार करने के आरोप में पुलिस ने 10 लोगों को नामजद अभियुक्त बनाया है. वहीं तीन अज्ञात लोगों पर भी केस दर्ज है. नामजद अभियुक्तों में चालक, उपचालक समेत गाड़ी मालिक और वार्ड पार्षद प्रतिनिधि शिवम आजाद शामिल हैं. जबकि अज्ञात लोगों में एक फैक्ट्री मालिक का नाम भी शामिल है.

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फैक्ट्री मालिक का पता लगाने में जुटी पुलिस

पुलिस खुद भी उलझन में फंसी हुई है क्योंकि दो दिनों की जांच के बाद फैक्ट्री मालिक कौन है, इसका पता पुलिस अब तक नहीं लगा पायी. पूर्व में फैक्ट्री मालिक रहे दशरम राम के बेटों सुशील कंधवे और मनीष कंधवे का दावा है कि श्रीराम स्टील फैक्ट्री को वो बेच चुके हैं. इसके सारे दस्तावेज उनके पास मौजूद हैं.

दस्तावेजों की जांच में पुलिस जुटी हुई है. इधर दोनों बेटों ने फैक्ट्री को शहर के उद्योगपति हरीश सरावगी को बेचने का दावा किया है. मंगलवार को मनीष के दोस्त सुमित कुमार ने फैक्ट्री क्रय-विक्रय के सारे दस्तावेज पुलिस को उपलब्ध कराये. लिहाजा, पुलिस भी अब पूरे मामले की जांच कर फैक्ट्री के वास्तविक मालिक पर केस दर्ज करेंगी.

वैसे पुलिस यह पता लगाने में सफल रही कि शिवम आजाद ही मनीष कंधवे को फोन कर भ्रमित कर फैक्ट्री में तीनों गाड़ियों को घुसाने में सफल रहा था. लिहाजा, शिवम के सहयोग मांगने पर मनीष ने तीनों गाड़ियों को फैक्ट्री के भीतर घुसाने की अनुमति दी. इसके कुछ देर बाद ही मुफ्फसिल थाना प्रभारी को मिली गुप्त सूचना के आधार पर फैक्ट्री में छापेमारी कर बीयर से लोड तीनों वाहनों को पुलिस ने जब्त किया था.

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