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#Giridih: सरकारी निर्देश का उल्लंघन, PDS दुकानों की निगरानी के लिए महिला शिक्षकों पर बनाया जा रहा दबाव

Gridih: गिरिडीह जिले में कालाबाजारी रोकने के लिए पीडीएस दुकानदारों पर निगरानी रखने के लिए महिला शिक्षकों पर दबाव बनाया जा रहा है, जबकि राज्य सरकार का स्पष्ट निर्देश है कि महिला शिक्षकों को इस कार्य में नहीं लगाना है.

बता दें कि डीसी के निर्देश पर सेविका और शिक्षकों को इस कार्य के लिए पहले नियुक्त किया गया था. जिला शिक्षा अधीक्षक अरविंद कुमार ने भी पत्र जारी कर हर शिक्षक को यह ड्यूटी करने का निर्देश दिया था.

लेकिन जब राज्य सरकार के निर्देश में महिला शिक्षकों को ड्यूटी से मुक्त रखने की बात कही गयी तो तुंरत बाद डीएसई नया पत्र जारी कर महिला शिक्षकों को इस ड्यूटी से मुक्त करने का निर्देश दिया.

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डीएसई उड़ा रहे निर्देशों की धज्जियां

इसके बावजूद विभिन्न प्रखंडों के प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी राज्य सरकार के निर्देशों की धज्जियां उड़ाते हुए महिला शिक्षकों को भी पत्राचार किए बगैर फोन कर राशन दुकानों पर निगरानी करने का आदेश जारी कर रहे हैं.

प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी द्वारा नाफरमानी का यह मामला सदर प्रखंड के कई स्कूलों से जुड़ा हुआ है, जहां नहीं चाहते हुए भी महिला शिक्षकों को अब इस ड्यूटी में जाना पड़ रहा है.

इधर मामले की जानकारी जब शिक्षा अधीक्षक अरविंद कुमार से मांगी गयी, तो डीएसई ने सदर प्रखंड में पुरुष शिक्षकों की कमी का रोना रो दिया. लेकिन सच्चाई यह भी है कि सदर प्रखंड में ही पर्याप्त पुरुष शिक्षक हैं.

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अलग-अलग कक्षाओं की पुस्तक ब्रिकी के लिए दिन तय

गृह मंत्रालय के निर्देश पर लॉकडाउन में किताब दुकानों को खोलने की अनुमति मिली है. अनुमति मिलने के बाद शुक्रवार को डीसी राहुल सिन्हा ने शहर व ग्रामीण क्षेत्र के दुकानदारों के साथ बैठक की.

बैठक में डीडीसी मुंकुद दास, गिरिडीह की नवपदस्थापित सदर अनुमंडल पदाधिकारी प्रेरणा दीक्षित भी मौजूद थीं. दुकानदारों के साथ हुई बैठक में कई दुकानदारों ने अपनी-अपनी समस्याओं को रखा.

मौके पर कुछ दुकानदारों ने सुझाव भी रखे जिसमें हर कक्षा के छात्रों के लिए अलग-अलग दिन पुस्तक खरीदने की बात कही. डीसी ने भी सहमति दिया जिसमें कक्षा एक से लेकर तीन के लिए सोमवार को पुस्तक ब्रिकी का दिन निर्धारित किया गया.

इसी प्रकार कक्षा चार से छह के लिए मंगलवार का दिन और सात से आठ के लिए बुधवार का दिन तय किया गया. डीसी ने इस दौरान कहा कि हर पुस्तक दुकान को होम डिलीवरी की प्राथमिकता देना है. वैसे हर प्राइवेट स्कूलों के लिए शनिवार से पुस्तक मिलने की बात कही गयी.

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