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गिरिडीह :  लॉकडाउन के बीच बेमौसम की बारिश और ओलावृष्टि किसानों के लिए आफत, गेंहू की फसल के साथ सब्जी को नुकसान

Manoj Kumar Pintu

Giridih :  साल 2020 की शुरुआत ही गिरिडीह के किसानों के लिए बेहद खराब रही. एक तरफ महामारी कोरोना  तो दूसरी तरफ लॉकडाउन के बीच बेमौसम की बारिश. साथ ही ओलावृष्टि ने जिले की रबी फसल के किसानों की कमर तोड़ कर रख दी.

हालांकि एक बार फिर अम्फन चक्रवाती तूफान का खतरा किसानों पर मंडराता दिख रहा है. इधर खुद कृषि विभाग भी मानता है कि ओलावृष्टि और बेमौसम की बारिश के कारण रबी फसल को बड़े पैमाने पर नुकसान पहुंचा है.

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डीसी राहुल सिन्हा के निर्देश पर कृषि पदाधिकारी धीरेन्द्र पांडेय ने जिले के चार हजार 757 किसानों की रबी फसल के नुकसान होने की रिपोर्ट आपदा प्रबंधन विभाग को दी है.

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 विभाग से एक करोड़ 30 लाख के मुआवजा भुगतान की अपील की है. हालांकि आपदा प्रबंधन विभाग ने कोई राहत भरी खबर नहीं दी है. इससे कृषि विभाग और किसान, दोनों की परेशानी बढ़ गई है.  लिहाजा, कृषि विभाग एक बार फिर आपदा प्रबंधन विभाग को पत्राचार कर किसानों को हो रही समस्या से अवगत कराएगा.

कृषि विभाग से मिले आंकड़ों के अनुसार रबी फसल से जुड़े किसानों ने गेंहू और सब्जी की खेती की थी.  लॉकडाउन के बीच जब गेंहू की फसल काटने की तैयारी किसानों ने की तो बारिश हो गयी. जिले में 900.16.93 हेक्टेयर रकबा में गेंहू की तैयार फसल पूरी तरह बर्बाद हो गयी.

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अप्रैल माह की इस बारिश से हुए नुकसान का जायजा डीसी राहुल सिन्हा और कृषि पदाधिकारी धीरेन्द्र पांडेय ने भी लिया था. जायजा लेने के क्रम में डीसी ने कृषि पदाधिकारी को पूरे जिले में सर्वे करने का निर्देश दिया. सर्वे के दौरान यह जानकारी मिली कि पूरे जिले में चार हजार 757 किसान बेमौसम बारिश के कारण प्रभावित हुए हैं.

यही स्थिति मई माह में रही. जब किसानों ने सब्जी को तोड़ना शुरू किया, तो एक और दो मई को ओलावृष्टि हुई. 53 हेक्टेयर रकबा में तैयार सब्जी की फसल भी प्रभावित हुई. कृषि विभाग की मानें तो रबी की फसल की खेती सबसे अधिक गांवा, गांडेय, सदर प्रखंड गिरिडीह के बाद बेंगाबाद के किसान करते हैं. इसमें सबसे अधिक नुकसान गांवा के किसानों को उठाना पड़ा है.

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