GiridihJharkhand

Giridih : बकाया नहीं मिलने पर दो कपड़ा कारोबारी के घर और दुकान में लूट, पुलिस ने किया खुलासा

Giridih : दो कपड़ा कारोबारियों के यहां हुई डकैती का उद्भेदन पुलिस ने दो सप्ताह बाद करने में सफलता पायी. यही नहीं डकैती में शामिल पांचों अपराधियों को भी पुलिस ने लूटे गये समानों के साथ गिरफ्तार कर लिया.

इसे भी पढ़ेंः Kolkata :  Mamta_Banerjee ने की पीएम मोदी से मुलाकात, कहा, मैंने प्रधानमंत्री को बता दिया है, बंगाल में CAA-NRC स्वीकार नहीं  

शनिवार को पुलिस लाईन में प्रेसवार्ता कर एसडीपीओ विनोद महतो और सरिया थाना प्रभारी बिदेंशवरी दास ने बताया कि महज 30 हजार के बकाया रहने के कारण बंटी साव और योगेंन्द्र साव के घर और दुकान में डकैती की गयी.

वैसे डकैती की योजना सिर्फ बंटी साव के घर अंजाम देने की थी. लेकिन जोगेन्द्र साव और बंटी साव आपस में चाचा-भतीजा हैं और दोनों के घर एक साथ जुड़े हैं. लिहाजा, अपराधियों के इस गिरोह के टारगेट में जोगेन्द्र साव भी आ गए.

पांचों गिरफ्तार अपराधियों में डकैती का मास्टर माइंड महबूब अंसारी जहां सरिया का ही रहने वाला है. वहीं चार अपराधी धनबाद के अलग-अलग थाना क्षेत्र के रहने वाले हैं.

इसे भी पढ़ेंः #Pakistan : आईएसआईएस ने क्वेटा मस्जिद धमाके की ली जिम्मेदारी, इमरान ने कायराना आतंकवादी हमला करार दिया

ये लोग हुए गिरफ्तार

गिरफ्तार अपराधियों में सरिया थाना के छत्तरबाद गांव निवासी महबूब अंसारी, धनबाद के हरिहरपुर निवासी सरफराज अंसारी, कतरास थाना क्षेत्र के गुहीबांध गांव निवासी सलमान अंसारी, दक्षिणाबाद निवासी जमालुद्दीन अंसारी और घुनघुसा निवासी ग्यासुद्दीन अंसारी शामिल हैं.

क्या है पूरा मामला

एसडीपीओ विनोद महतो ने बताया कि बंटी साव बागोडीह के स्थानीय लोगों के साथ कमेटी खेला करता था. जिसमें सरिया का महबूब अंसारी भी इस कमेटी में पैसे लगाया करता था. कमेटी खेलने के दौरान महबूब अंसारी का बंटी साव पर 30 हजार का कर्ज हो गया.

महबूब जब अपने 30 हजार का बकाया बंटी साव से मांगना शुरू किया, तो बंटी ने नगद देने से इंकार कर दिया. इससे विवाद बढ़ा. इसके बाद महबूब ने अपराधियों के गिरोह से संपर्क किया. और लूट की घटना की अंजाम दी गयी.

इसे भी पढ़ेंः जमशेदपुर में 4000 हजार रुपये घूस लेते मुखिया को एसीबी की टीम ने किया गिरफ्तार

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related Articles

Back to top button