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गिरिडीहः दो सरकारी कर्मचारी घूस लेते रंगे हाथ गिरफ्तार, आवास से मिले 8 लाख नकद

एंटी करप्शन ब्यूरो धनबाद की टीम ने रंगे हाथों पास्कल को किया गिरफ्तार

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Giridih: एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) की धनबाद टीम ने गुरुवार को गिरिडीह के डुमरी अनुमंडल के फील्ड सुपरवाइजर राकेश कुमार पास्कल को 60 हजार रुपये घूस लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया. वही गिरिडीह के भूमि संरक्षण कार्यालय के हेड क्लर्क को भी एसीबी ने गिरफ्तार किया है. एसीबी की टीम ने दोनों के गिरिडीह आवास से 8 लाख से अधिक नकद बरामद किये हैं.

बताया जा रहा है कि फील्ड सुपरवाइजर राकेश कुमार पास्कल ने लंबित भुगतान को जारी करने के एवज में 60 हजार रुपये की मांग की गई थी. यह राशि गिरिडीह जिले के डुमरी पंचायत में 15.85 लाख रुपये की लागत से बन रहे तालाब के लिए स्वीकृत की गयी थी. पास्कल ने कुल लागत का 19 प्रतिशत घूस पंचायत कमेटी से मांगा था.

निर्माण राशि का 19 फीसदी मांगा घूस

डुमरी के तलखेरा के रहनेवाले अशोक कुमार ने अपनी शिकायत में कहा था कि श्री पास्कल तालाब निर्माण के लिए बेवजह अधिक पैसे की मांग कर रहे हैं. तलखेरा जल पंचायत के अध्यक्ष बनने के बाद श्री कुमार ने तालाब निर्माण से संबंधित राशि जल पंचायत के खाते में मंगायी थी. इसके लिए एक बैंक खाता भी खोला गया था. भूमि संरक्षण पदाधिकारी दिनेश मांझी के निर्देश पर यह खाते खोले गये थे, जिसमें 1.50 लाख रुपये भी जमा हैं.

जून 2018 में तालाब निर्माण का काम भी पूरा हो गया. जल संसाधन विभाग के कनीय अभियंता ने काम पूरा होने की जांच करने के बाद भुगतान की प्रक्रिया बढ़ाने की अनुशंसा भी की थी. इसके बाद 8,80,700 रुपये का आवंटन सरकार की तरफ से किया गया. इस राशि को राकेश कुमार पास्कल ने होल्ड कर दिया. पास्कल ने 19 प्रतिशत घूस की राशि की मांग शुरू कर दी. जल पंचायत के श्री कुमार ने आजीज आकर एसीबी से पूरे मामले की शिकायत कर दी.

ऐसे पकड़े गये पास्कल

राकेश कुमार पास्कल के खिलाफ मिली शिकायत पर एसीबी के एसपी सुदर्शन मंडल ने टीम गठित की. टीम गठन के बाद 60 हजार रुपये लेते हुए पास्कल को रंगे हाथों पकड़ा गया. एसीबी की तरफ से धनबाद में प्राथमिकी भी दर्ज करायी गयी है. यह धनबाद में एसीबी की टीम की तरफ से नौवां शिकार है. इससे पहले बोकारो के उपायुक्त के स्टेनोग्राफर को 71 हजार रुपये लेते हुए पकड़ा गया था.

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