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Giridih: वज्रपात से मृत बेटे को जीवित करने के लिए पिता ने शव को गोबर के ढेर में दफनाया

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Giridih: वज्रपात से गुरुवार को जिले में दो लोगों की मौत हो गयी. वहीं दो गोवंश भी आसमानी बिजली के शिकार हुए. इसमें पहली घटना गिरिडीह के डुमरी थाना क्षेत्र के बरमसिया चालमो गांव में हुई जहां आसमानी बिजली से 18 वर्षीय छात्र चंदन यादव की मौत हो गयी. चंदन की मौत के बाद उसे दुबारा जिंदा करने के लिए उसके पिता सेवाचंद यादव ने शव को गोबर के ढेर में दफन कर दिया.

इस दौरान बेटे को शव को उसी तरह दो घंटे गोबर के ढेर में ही यह कहकर छोड़ दिया कि इसे उसका मृत बेटा जीवित हो उठेगा. इस बीच ग्रामीणों ने काफी देर तक मृत चंदन के पिता को समझाने का प्रयास किया लेकिन चंदन के पिता सेवाचंद यादव नहीं माने.

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एसडीपीओ ने समझाया तो माने पिता

इस दौरान जानकारी मिलने के बाद डुमरी एसडीपीओ नीरज सिंह भी पहुंचे और मृत छात्र चंदन के पिता को समझाया. इसके बाद चंदन के पिता ने बेटे के शव को बाहर निकाला और अंतिम संस्कार के लिए तैयार हुए. इधर पिता की इस हरकत को लेकर चालमो समेत कई गांवो में जब चर्चा हुई, तो देखने के लिए ही काफी संख्या में ग्रामीणों की भीड़ जुट गयी.

जानकारी के अनुसार दोपहर में हुई वज्रपात के साथ मूषलाधार बारिश से बचने के लिए छात्र चंदन गांव के स्कूल के जर्जर हिस्से में रुक गया. इस जर्जर भवन में कुछ और भी ग्रामीण मौजूद थे. इसी दौरान तेज आवाज के साथ बिजली कड़की जिसकी चपेट में स्कूल परिसर में दो मवेशी के साथ चंदन भी आ गया. मवेशियों साथ चंदन की मौत जर्जर भवन में हो गयी.

घटना की जानकारी मिलने के बाद चंदन के पिता समेत कुछ ग्रामीण भी पहुंचे और चंदन के शव को मीणा जेनरल हॉस्पिटल ले गये जहां चंदन को मृत घोषित कर दिया गया. इसके बाद ही पिता ने बेटे को शव को घर में गोबर के ढेर में दफन कर दिया.

बीच ग्रामीणों ने काफी देर तक मृत चंदन के पिता को समझाने का प्रयास किया लेकिन चंदन के पिता सेवाचंद यादव नहीं माने.

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वज्रपात से बेंगाबाद में राशन डीलर के बेटे की मौत

इधर वज्रपात की दूसरी घटना बेंगाबाद प्रखंड के लोधारपतरी गांव में हुई  जिसमें गांव के राशन डीलर अर्जुन महतो के बेटे संजीत यादव की मौत व्रजपात के चपेट में आने से हो गयी. प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार जिस वक्त व्रजपात हुआ. उस वक्त संजीत घर से कुछ दूर बारिश से बचने के लिए एक पेड़ के नीचे खड़ा था.

बीच ग्रामीणों ने काफी देर तक मृत चंदन के पिता को समझाने का प्रयास किया लेकिन चंदन के पिता सेवाचंद यादव नहीं माने.

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