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#Giridih : 103 करोड़ का कर्ज नहीं चुकाने पर SBI ने हर्षित पॉवर एंड इस्पात लिमिटेड की फैक्ट्री जब्त की

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Giridih : गिरिडीह के औद्योगिक इलाके के चतरो स्थित हर्षित पॉवर एंड इस्पात लिमिटेड कंपनी की फैक्ट्री को भारतीय स्टेट बैंक की पटना शाखा ने गुरुवार को सरफेसी एक्ट के तहत कब्जा कर लिया है.

पटना एसबीआइ के मुख्य प्रबंधक दिलीप कुमार और सीओ रवीन्द्र सिन्हा ने बताया कि पूरी कंपनी पर एक सौ तीन करोड़ का लोन बकाया था. जानकारी के अनुसार पटना एसबीआइ ने जिस कारखाने को कब्जे में लिया है वह सालों से बंद पड़ी थी.

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दो और फैक्ट्रियों पर कब्जा बाकी

जानकारी के अनुसार, पटना एसबीआइ को इसी कंपनी की दो अन्य फैक्ट्रियों मेसर्स आदी इस्पात प्राइवेट लिमिटेड और श्रीवीर इस्पात प्राइवेट लिमिटेड के प्लॉट को कब्जे में लेना है.

लेकिन तकनीकी कारणों से बैंक पदाधिकारियों ने इन दोनों कारखानों के प्लॉट पर कब्जा नहीं किया.

भारतीय स्टेट बैंक द्वारा हर्षित पॉवर एंड इस्पात कंपनी के कारखाने को कब्जा में करने की कार्रवाई करीब एक घंटे तक चली. इस दौरान बैंक पदाधिकारियों ने सीओ सिन्हा की मौजदूगी में कागजी कार्रवाई पूरे करने के बाद कंपनी के प्लॉट को कब्जे में किया और बैंक का बोर्ड कारखाना परिसर में लगाया.

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कई बार नोटिस जारी किया गया

बैंक पदाधिकारियों के अनुसार पहले ही कंपनी को कई बार नोटिस भी जारी किया गया था. इसके बावजूद कंपनी की ओर से लोन वापसी को लेकर गंभीरता नहीं दिखायी गयी जिसके बाद यह कार्रवाई की गयी.

इधर कंपनी के मालिक अमित सरावगी ने बैंक की कार्रवाई को लेकर कहा कि उन्होंने खुद कंपनी के इस कारखाने को सौंपा है क्योंकि हर माह दो लाख रुपये सिर्फ रखरखाव को लेकर खर्च हो रहा है.

कार्रवाई के दौरान यह बात भी सामने आया कि कंपनी के मालिक अमित सरावगी ने बैंक लोन चुकाने के लिए दो माह का वक्त मांगा है जिसे पटना एसबीआइ के पदाधिकारियों ने स्वीकार कर लिया है.

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