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PM Ayushman Bharat Yojana से गिरिडीह सदर अस्पताल ने कमाए एक करोड़ 16 लाख रुपये

25 प्रतिशत हिस्सा चिकित्सकों और स्वास्थ कर्मियों को किया जाएगा भुगतान

Manoj kumar Pintu

Giridih :  गिरिडीह सदर अस्पताल की समस्या किसी से छिपी नहीं. अब भी सदर अस्पताल में हड्डी रोग स्पेशलिस्ट की कमी है तो कई और बीमारियों के स्पेशलिस्ट नहीं है. यही नहीं मैनपावर की कमी को दूर करने के लिए आउटसोर्सिंग के सहारे सुविधाएं लोगों को उपलब्ध करायी जा रही है. लेकिन हर किसी को जानकारी हैरानी होगी कि पिछले तीन वर्षों के बीच सदर अस्पताल को एक करोड़ 16 लाख रुपये की कमाई हुई है.

अब इसी कमाई का 25 प्रतिशत हिस्सा सदर अस्पताल प्रबंधन उन चिकित्सकों और स्वास्थ कर्मियों को बोनस के रुप में भुगतान करने का निर्णय लिया है. ये बोनस उनको मिलेगा जो पिछले दो सालों से महामारी कोरोना संक्रमण में अपनी सेवा लगातार देते आ रहे हैं. गिरिडीह सदर अस्पताल को यह कमाई मोदी सरकार की महत्वाकांक्षी योजना प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत योजना से हासिल हुई है.

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इसी साल 50 लाख का आमदनी

इसमें सबसे अधिक कमाई इसी साल 2021 में 50 लाख के करीब हुई है. पिछले दो वर्षों के भीतर आयुष्मान भारत योजना से अलग-अलग किस्तों में फंड मिला. स्वास्थ विभाग के सूत्रों की माने तो पीएम आयुष्मान भारत योजना के जरिये इलाज करने के एवज में सदर अस्पताल को यह फंड मिला है. आयुष्मान भारत योजना से मिले फंड से स्वास्थ विभाग की खुशी दिख रही है. वैसे यह पहला मौका है जब केन्द्र सरकार की किसी योजना से गिरिडीह सदर अस्पताल को पिछले तीन सालों में एक करोड़ 16 लाख की कमाई हुई है.

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कई जीवन रक्षक उपकरण खरीदने की प्लानिंग

लिहाजा, अब इसी कमाई से सदर अस्पताल प्रबंधन ने कई जीवन रक्षक उपकरण खरीदने की प्लानिंग की है. यही नहीं इस कमाई से सदर अस्पताल प्रबंधन 27 लाख के जीवन रक्षक दवाईयों की खरीदारी भी निजी कंपनियों से करेगा. चिकित्सकों और स्वास्थ कर्मियों को बोनस भुगतान का फैसला सदर अस्पताल प्रबंधन ने डीसी राहुल सिन्हा की सहमति से लिया है. सदर अस्पताल के लिए ही संक्रमण से निपटने के लिए भेटिंलेटर भी क्रय किया जाएगा. जबकि सदर अस्पताल में संचालित आईसीयू के अतिरिक्त उपकरणों की खरीदारी करने की प्लानिंग पर स्वास्थ विभाग ने डीसी के साथ मिलकर पूरा कर लिया है.

स्वास्थ विभाग के अंतर्गत चैताडीह में संचालित मातृत्व शिशु स्वास्थ विभाग में कोरोना के तीसरी लहर से पहले नवजात शिशुओं के लिए 10 शिशु वार्मर की खरीदारी होगी.

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क्या कहते हैं सिविल सर्जन

सिविल सर्जन डॉ. शिव प्रसाद मिश्रा ने न्यूजविंग से बातचीत के क्रम में जानकारी दी कि उपकरणों की खरीदारी का निर्णय जल्द ही जिला स्वास्थ समिति की बैठक में लिया जाएगा. वहीं चिकित्सकों और स्वास्थ कर्मियों को बोनस भुगतान का निर्णय लिया गया है.

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मातृत्व शिशु स्वास्थ इकाई से हुई कमाई

स्वास्थ विभाग के सूत्रों की मानें तो सदर अस्पताल को पीएम आयुष्मान भारत योजना से कमाई का जरिया बना मातृत्व शिशु स्वास्थ इकाई में गर्भवती महिलाओं का ऑपरेशन किया जाना तथा नवजात शिशुओं का इलाज. हालांकि पिछले तीन वर्षों में गर्भवती महिलाओं का ऑपरेशन और नवजात शिशुओं के इलाज का कोई स्पस्ट आंकड़ा तो नहीं मिल पाया. लेकिन सदर अस्पताल को इन दोनों इलाजों के कारण ही एक करोड़ 16 लाख का फंड मिला है.  इसके बाद सदर अस्पताल में पिछले डेढ़ माह से संचालित आईसीयू से भी कमाई हुई है. क्योंकि आईसीयू का संचालन अब पीएम आयुष्मान योजना से किया जा रहा है.

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