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गिरिडीह: शारदीय नवरात्र के मौके पर RSS ने किया संघ समागम

Giridih: शारदीय नवरात्र के मौके पर राष्ट्रीय स्वयं सेवक आरएसएस के गिरिडीह इकाई के संघ समागम कार्यक्रम का आयोजन हुआ. संघ समागम की शुरुवात मुश्लाधार बारिश के बीच शहर में भव्य पथ संचलन निकाल कर किया गया. सरस्वती शिशु विद्या मंदिर स्कूल से निकले पथ संचलन में काफी संख्या में आरएसएस के कार्यकर्ता पूर्ण ज्ञानेश में निकले. मौके पर कार्यकर्ताओं द्वारा कई देशभक्ति गीत भी गुनगनाए जा रहे थे. तो देशभक्ति उद्घोष भी खूब किया गया. पथ संचलन में संघ के प्रांत शारीरिक प्रमुख कुणाल जी, विभाग प्रचारक आशुतोष जी के साथ जिला कार्यवाहक मुकेश रंजन सिंह, संदीप खंडेलवाल,

राजेश शर्मा, भाजपा नेता महादेव दुबे, संदीप डंगाईच, रंजन सिन्हा, दिलीप वर्मा, देवराज, रंजीत बरनवाल, उत्कर्ष पांडेय, संतोष खत्री, संतोष गुप्ता, राजेंद्र लाल राजन, पूर्व महापौर सुनील पासवान, डिप्टी मेयर प्रकाश सेठ समेत हजारों की संख्या में संघ के कार्यकर्ता शामिल हुए. इस दौरान पथ संचलन शहर के जिन जिन हिस्सो से गुजरा, वैसे हर उन इलाको से गुजरने के क्रम में आरएसएस कार्यकर्ताओं के उपर वर्षा किया गया. हिंदू संगठन से लेकर कई अन्य संगठन के कार्यकर्ताओं ने पूरे उत्साह के साथ पुशपवर्षा करते दिखे. और भारत माता के साथ वंदे मातरम् का उद्घोष भी किया. मुश्लाधर बारिश में भी संघ के कार्यकर्ताओं का जोश कही से कम नही दिखा. लिहाजा, एक एक कार्यकर्ता पूरे उत्साह के साथ चले जा रहे थे.

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पथ संचलन शहर भ्रमण के बाद श्याम मंदिर पहुंच कर संपन्न हुआ. जहा संघ समागम का आयोजन किया गया. इस दौरान समागम की शुरुवात भी भारत माता और मां दुर्गे के तस्वीर पर पुष्पांजलि अर्पित कर किया गया. जबकि शारीरिक प्रमुख कुणाल जी, विभाग कार्यवाहक अर्जुन मिस्त्कार और जिला संचालक बृजनंदन ने मौके पर शस्त्र पूजन किया.

इस बीच समागम को संबोधित करते हुए प्रांत के शारीरिक प्रमुख कुणाल जी ने कहा की जिस मकसद से संघ की स्थापना हुई वो अब देश भर में दिख रहा है. राष्ट्र और राष्ट्रीय तिरंगे के साथ भगवा ध्वज के प्रति लोगों का सम्मान बढ़ता जा रहा है. क्योंकि संघ कभी हिंसा पर भरोसा नहीं करता. बगैर किसी हिंसा के संघ ने देश के हर सेकुलर दलों को शांत कर दिया. और अब हालात ऐसे है संघ का दायित्व बढ़ता जा रहा है तो संघ के कार्यकर्ताओं के प्रति लोगों में सम्मान की भावना भी बढ़ती जा रही है. सेवा और राष्ट्रभक्ति ये दोनो संघ के मूलमंत्र में शामिल है. संघ इन मूलमंत्र से खुद को अलग नहीं कर सकता. इस दौरान समागम को कई और वक्ताओं ने संबोधित किया.

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