GiridihJharkhand

गिरिडीह : माओवादियों को फंडिंग के आरोप में फंसी रामकृपाल सिंह कंस्ट्रक्शन कंपनी जिले में दो सौ करोड़ का काम कर चुकी है  

Giridih :  रामकृपाल सिंह कंस्ट्रक्शन कंपनी पर टेरर फंडिग का आरोप लगा है. एनआईए की पूछताछ में खुद इसके कर्मी मनोज कुमार ने ये खुलासा किया है. मनोज कुमार खुद भी माओवादी रहा है. और सरिया थाना क्षेत्र के नगर केसवारी का रहने वाला है. कंपनी का यह भरोसेमंद कर्मी रहा है. फिलहाल पूछताछ में जो खुलासे हुए हैं, उसके अनुसार माओवादियों को रामकृपाल सिंह कंस्ट्रक्शन कंपनी द्वारा फंड दिए जाने की बात सामने आई है.

इसे भी पढ़ेंः रांची में कोरोना से एक और की मौत, कोकर का रहनेवाला था

लेकिन यह भी सही है कि कंपनी ने गिरिडीह जिले में 200 सौ करोड़ से भी अधिक की राशि से दर्जन भर योजनाओं को पूरा किया. सभी योजनाएं जिले के नक्सल प्रभावित क्षेत्र से ही जुड़ी हुई हैं. इसमें एक सड़क योजना का कार्य अब भी चल रहा है. जो जिले के दो प्रखंडो से जुड़ा हुआ है. जानकारी के अनुसार पतालडीह-देवरी-गांवा-सतगांवा में 87 करोड़ के लागत से 42 किमी सड़क निर्माण का कार्य चल रहा है.

इसे भी पढ़ेंः टेरर फंडिंग को लेकर NIA की रडार पर राम कृपाल सिंह कंस्ट्रक्शन, झारखंड की सत्ता पर रहा है कंपनी का दबदबा

गिरिडीह पथ प्रमंडल के अनुसार 87 करोड़ की योजना में 28 करोड़ का भुगतान कंपनी को कर दिया गया है. रामकृपाल सिंह कंस्ट्रक्शन ने साल 2018 में गिरिडीह-डुमरी रोड के काम को भी पूरा किया था. इसी सड़क निर्माण के मामले में कंपनी पर टेरर फंडिग का आरोप लगा है.

कंपनी ने सदर प्रखंड के पचंबा करहरबारी में पावर ग्रिड ट्रांसमिशन लाईन की 68 करोड़ की योजना को भी पूरा किया है. संभवत: कंपनी को इसका भुगतान भी कर दिया गया है. वहीं अन्य कामों पर नजर डालें तो कठवारा-सरिया रोड समेत कई सड़क निर्माण के कार्य को कंपनी दो साल पहले ही खत्म कर चुकी है.

इसे भी पढ़ेंः Corona Update: महाराष्ट्र में अब तक 30 पुलिसकर्मियों की संक्रमण से मौत, 2,500 से अधिक बीमार

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related Articles

Back to top button