Dharm-JyotishGiridihJharkhand

Giridih: मधुबन में चातुर्मास की तैयारी पूरी, महामारी के मद्देनजर छोटा आयोजन

Giridih: गिरिडीह के जैन मंदिर में प्रवास कर रहे जैन मुनि विशुद्ध सागर जी महाराज ने मंगलवार को मीडिया कर्मियों से बातचीत के दौरान कहा कि मधुबन में चार्तुमास के आयोजन की तैयारी चल रही है. चार्तुमास बेहद सादगी और महामारी को देखते हुए छोटा होगा.

कहा कि राज्य की हेमंत सरकार भी जानती है कि चार्तुमास का स्वरूप कोई भीड़ वाला नहीं होता, बल्कि सिर्फ जैन मुनि ही विधि-विधान से अनुष्ठान करते हैं.

लिहाजा, भावनाओं को देखते हुए राज्य के कई जिलों के जैन धर्मावलंबियो को चार्तुमास के आयोजन की अनुमति दी गयी है. आयोजन को लेकर विहिप और बजरंग दल की भी सहमति है.

इसे भी पढ़ें :Tokyo Olympic : PM Modi ने झारखंड की बेटियों से किया संवाद, कहा- टोक्यो में इंडियन टीम बनायेगी इतिहास

advt

एक सवाल के जवाब में मुनिश्री विशुद्ध सागर ने कहा कि जैन समाज में सभी 24 तीर्थंकरों का पूजन और अनुष्ठान होता है. लेकिन चर्चा सिर्फ दो के होने की वजह है कि भगवान महावीर का संदेश कलियुग में सबसे अधिक प्रचारित और प्रसारित हुआ. यही नहीं, भगवान महावीर ने इस काल में जनमानस को जीवन जीने की राह दिखायी.

मुनिश्री ने कहा कि गिरिडीह में भगवान पार्श्वनाथ की चर्चा होने का कारण है कि गिरिडीह के सम्मेदशिखर मधुबन में भगवान पार्श्वनाथ ने निर्वाण हासिल किया था और इसी सम्मेदशिखर के कारण भगवान पार्श्वनाथ की पूजा का महत्व बढ़ता है. वैसे जैन समाज में भगवान ऋषभ देव की भी उपासना और पूजा होती है क्योंकि उनका वर्णन हर पुराण में है.

इसे भी पढ़ें :नये गवर्नर रमेश बैस पहुंचे रांची, सीएम और सीएस ने किया स्वागत, कल लेंगे शपथ

इधर जैन मंदिर में मुनिश्री विशुद्ध सागर जी महाराज के सानिध्य में कई धार्मिक आयोजन हुए. बिहार के कटिहार से पुण्य सागर जी महाराज से दीक्षा लेकर गिरिडीह पहुंची 90 वर्षीय कैलाशी देवी की जैन मान्यताओं के अनुसार गोद भराई की रस्म पूरी की गयी.

मौके पर जैन समाज के महेश जैन, श्रेयांश जैन, अविनाश सेट्ठी, अशोक पांड्या और अंकित पांड्या समेत कई मौजूद थे.

इसे भी पढ़ें :जानें आखिर ऐसा क्या हुआ कि मंडप से उठ कर सीधे थाना पहुंच गयी दुल्हन

Related Articles

Back to top button
%d bloggers like this: