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गिरिडीह: ओपेनकास्ट कोयला खदान के चालू होने की उम्मीद बढ़ी, 18 को मिल सकता है सीटीओ

Giridih: कोल इंडिया लिमिटेड के अधीन गिरिडीह के बंद पड़े ओपेन कास्ट कोयला खदान को सीटीओ दिलाने के मुद्दे पर शुक्रवार को बनियाडीह स्थित परियोजना कार्यालय में एरिया बोर्ड के महाप्रबंधक के साथ गिरिडीह व गांडेय विधायक की बैठक हुई.

करीब एक घंटे तक चले बैठक के दौरान कई मुद्दों पर चर्चा की गयी तो गिरिडीह के दूसरे खदान कबरीबाद पर भी गंभीरता के साथ बातचीत की गयी.

इस दौरान सदर विधायक सुदिव्य कुमार सोनू ने सीटीओ नहीं मिलने का सबसे बड़ा कारण सीसीएल की लापरवाही बतायी. बैठक के बाद उन्होंने यह भी कहा कि राज्य पर्यावरण समिति के अधिकारी से भी बैठक के दौरान फोन पर बातचीत की गयी जिसमें सोमवार को सीटीओ देने पर सहमति बन गयी है.

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विधायक ने कहा कि अब कबरीबाद खदान को दुबारा चालू कराने को लेकर पहल शुरू कर दी गयी है लेकिन मामला भारत सरकार के पास लंबित है तो वक्त लग सकता है.

इस बीच बैठक में महाप्रबंधक मनोज अग्रवाल ने गिरिडीह के दोनों खदानों से लगातार हो रही कोयला चोरी के मुद्दे को उठाया. साथ ही कहा कि अगर उत्पादन प्रभावित है तो इसका सबसे बड़ा कारण खदानों से हो रही कोयला चोरी ही है.

हालांकि महाप्रबंधक ने स्पष्ट कर दिया कि गिरिडीह के दोनों खदान किसी सूरत में बंद नहीं होंगें, बल्कि जिन मशीनों की जरुरत है, उन्हें दूसरे खदानों से लाकर उत्पादन को बढ़ाया जायेगा. लेकिन उत्पादन और घाटे को कम करने के लिए जरूरी यह भी है कि हर साल इन खदानों से 12 लाख टन का उत्पादन बढ़ाया जा सके जिससे लगातार चला आ रहे 125 करोड़ के घाटे से सीसीएल को उबारा जा सके.

फिलहाल, हालात ऐसे है कि इन दोनों खदानों में लीगल उत्पादन के साथ अवैध खनन ने कोल इंडिया की परेशानी को बढ़ा दिया है और इसे रोकना जरूरी है. बगैर रोके उत्पादन को भी नहीं बढ़ाया जा सकता.

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महाप्रबंधक ने बैठक के दौरान दोनों विधायाकों से स्थानीय प्रशासन से सहयोग दिलाने का अपील की कि चोरी को रोकने के लिए प्रशासन पर दबाव बनाये. बैठक के दौरान महाप्रबंधक ने माना कि सीसीएल कर्मियों की मिलीभगत के बगैर खदानों से कोयला चेारी होना संभव नहीं है. जितने कसूरवार कोयला चोर हैं उतने ही कसूरवार कर्मचारी भी हैं.

इस बीच यह भी बाते सामने आयी कि दोनों खदानों में कई सफेदफोश कोयला तस्करों का सिडिकेंट काम कर रहा है जो रात के साथ दिन में भी कोयला चोरी करा रहा है.

बैठक में सदर विधायक सोनू ने महाप्रबंधक से सीसीएल के सीएसआर फंड पर चर्चा की. इसके बाद जीएम ने भरोसा दिलाया कि फंड भी दिया जायेगा. विधायक ने जीएम से कहा कि सीसीएल के सीएसआर फंड को जिला प्रशासन को उपलब्ध कराने के लिए डीसी स्तर से पत्राचार कराया जाएगा.

बैठक में झामुमो अध्यक्ष संजय सिंह, कोलियरी मजदूर यूनियन के नेता तेजलाल मंडल, एनपी सिंह बुल्लु, झामुमो नेता शोभा यादव, दिलीप मंडल और मुखिया हरगौरी साव समेत कई मौजूद थे.

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